BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
शुक्रवार, 22 जून, 2007 को 03:10 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
यूरोपीय संघ में सहमति नहीं
टोनी ब्लेयर
टोनी ब्लेयर ने जर्मनी के कुछ प्रस्तावों पर आपत्ति जताई है
यूरोपीय संघ में नए क़ानून बनाने के मुद्दे पर पहले दिन की विफल वार्ता के बाद शुक्रवार को भी बातचीत होगी.

पहले दिन की बातचीत के बाद जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल ने कहा था कि अब तक कोई नतीजा नहीं निकला है.

यूरोपीय संघ की अध्यक्षता इस वक़्त जर्मनी के पास है. वर्ष 2005 में फ़्रांसीसी और डच वोटरों ने जिस संविधान को नकार दिया था, उसकी जगह नए संविधान पर जर्मनी ने प्रस्ताव तैयार किया है.

लेकिन इस मुद्दे को लेकर ब्रिटेन और पोलैंड ने वीटो इस्तेमाल करने की चेतावनी दी है.

ब्रितानी प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने कहा है कि कुछ बातें स्वीकार्य नहीं है. इसमें मूल अधिकारों पर यूरोपीय संघ के चार्टर को क़ानूनी रुप से बाध्य बनाना शामिल है.

ब्रिटेन विदेश नीति, न्याय और आप्रवासन पर राष्ट्रीय निंयत्रण भी रखना चाहता है.

वहीं पोलैंड के प्रधानमंत्री ने कहा है कि उनके देश को मतदान का ज़्यादा अधिकार मिलना चाहिए.

आपत्ति

चेक गणराज्य और नीदरलैंड ने भी जर्मनी के प्रस्ताव पर आपत्ति जताई है.
इस सम्मेलन का पहला दिन ख़त्म होने के बाद एंगेला मर्केल ने कहा कि नेता हर संभव कोशिश करेंगे कि शुक्रवार को सहमति बन पाए.

वहीं यूरोपीय संघ के अध्यक्ष जोसे मैनुएल बरोसे ने कहा कि यूरोप सात सालों से सुधारों पर चर्चा कर रहा है और अब समय आ गया है कि आगे बढ़ा जाए.

जर्मनी के नए प्रस्ताव में यूरोपीय संघ के उन देशों को कई रियायतें दी गई हैं जिन्होंने प्रस्तावित संविधान को लेकर आपत्ति जताई थी.

प्रस्ताव में संविधान शब्द का प्रयोग नहीं किया गया है. साथ ही ये भी स्वीकार किया गया है कि यूरोपीय संघ के विदेश मंत्री के पद का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा.

इसके अलावा पुलिस और आपराधिक क़ानून के मामले में संघ की नीतियों से ख़ुद को अलग करने का भी प्रावधान रखा गया है.

प्रस्ताव में फ़ैसलों को मंज़ूरी देने के लिए नई वोटिंग प्रणाली और यूरोपीय परिषद के पूर्णकालिक प्रमुख की बात कही गई है.

जर्मनी की चांसलर शुक्रवार को पोलैंड और ब्रिटेन के नेताओं से अलग से मुलाकात करेंगी.

संवादादातओं का कहना है कि अगर ये बातचीत विफल रहती है तो यूरोपीय संघ के लिए संकट खड़ा हो सकता है.

इससे जुड़ी ख़बरें
नीदरलैंड में आज जनमत संग्रह
01 जून, 2005 | पहला पन्ना
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>