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अफ़्रीकी देशों को सहायता देने का वादा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जर्मनी में हो रहे जी-8 देशों के सम्मेलन में नेताओं ने दो साल पहले अफ़्रीकी देशों को सहायता का अपना वादा पूरा करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है. सम्मेलन के आख़िरी दिन इन देशों में अफ़्रीकी देशों में एड्स, मलेरिया और टीबी जैसी बीमारियों से निपटने के लिए 60 अरब डॉलर ख़र्च करने को लेकर सहमति हो गई और सम्मेलन समाप्त हो गया. हालांकि सम्मेलन में अफ़्रीकी देशों में शिक्षा पर भी बड़ी राशि ख़र्च करने का वादा किया गया. लेकिन कुछ एजेंसियों ने समझौते पर निराशा व्यक्त की है. ऑक्सफ़ैम का कहना है कि शुक्रवार की घोषणा में सिर्फ़ तीन अरब डॉलर की बात नई है जबकि जी-8 इसे बड़ी बात कह रहा है. जी-8 देशों के राजनेताओं पर इसका दबाव है कि दो साल पहले ग्लेनइगल्स में उन्होंने जो वादा किया था, उसे पूरा करें. माना जा रहा है कि 60 अरब डॉलर की राशि में से आधा अमरीका वहन करेगा. गुरुवार को जी-8 के देशों के बीच जलवायु को गर्म करने वाली गैसों के उत्सर्जन में कटौती पर सहमति हुई थी, ताकि जलवायु परिवर्तन के मुद्दे से निपटा जा सके. इस बीच ख़बर है कि अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश की तबीयत ख़राब है और वे बाद में बातचीत में शामिल होंगे. इसी कारण उन्होंने फ़्रांस के राष्ट्रपति निकोला सर्कोज़ी के साथ मुलाक़ात अपने आरामगाह में ही की. अमरीकी अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रपति बुश की प्रस्तावित पोलैंड यात्रा समय से ही होगी. अफ़्रीका के मुद्दे शुक्रवार की बैठक में मुख्य मुद्दा था अफ़्रीकी देशों की समस्याएँ ख़ासकर एड्स, टीबी, अन्य बीमारियाँ और शिक्षा. वर्ष 2005 में स्कॉटलैंड के ग्लेनइगल्स में हुए सम्मेलन में जी-8 के देशों ने वादा किया था कि वे 2010 तक अफ़्रीका को मिलने वाली सहायता दोगुनी कर देंगे. कई राहत एजेंसियों का कहना है कि जी-8 ने अपना वादा पूरा नहीं करके अफ़्रीकी देशों को धोखा दिया है. स्टॉप एड्स कैम्पेन के समन्वयक स्टीव कॉकबर्न ने कहा, "जी-8 के नेताओं के पास 24 घंटे से भी कम समय है अपना भरोसा साबित करने का. क्योंकि इससे दुनिया के लाखों लोगों की ज़िंदगी और मौत जुड़ी हुई है." सम्मेलन में कई जाने-माने चेहरे भी अफ़्रीका के लिए समर्थन जुटाने में लगे थे. रॉक स्टार बोनो और बॉब गेल्डॉफ़ भी वहाँ डटे हुए थे. बोनो का कहना था कि जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि जी-8 सम्मेलन से उन्हें निराशा नहीं मिलेगी. शुक्रवार की बैठक में छह अफ़्रीकी नेताओं ने भी हिस्सा लिया. इनमें नाइजीरिया के नव नियुक्त राष्ट्रपति उमारू यार एडुआ भी शामिल हैं. एडुआ ने बीबीसी को बताया कि वे बेहतर व्यापार समझौते की कोशिश कर रहे हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर सहमति07 जून, 2007 | पहला पन्ना जी-8 के पहले अमरीका-रूस में खींचतान05 जून, 2007 | पहला पन्ना मनमोहन सिंह-जॉर्ज बुश की मुलाक़ात17 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना जी-8 बैठक में ऊर्जा, अन्य मुद्दों पर चर्चा 10 जून, 2006 | पहला पन्ना जी-8 की बैठक में परमाणु ऊर्जा पर ज़ोर17 मार्च, 2006 | पहला पन्ना रूस ने संभाली जी-8 की अध्यक्षता01 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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