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मंगलवार, 05 जून, 2007 को 09:51 GMT तक के समाचार
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ग्वांतनामो बे में दो पर आरोप ख़ारिज
उमर क़ादिर
उमर क़ादिर को कथित रूप से अफ़ग़ानिस्तान से पकड़ा गया था
अमरीका में एक सैन्य जज ने ग्वांतनामो बे शिविर में रखे गए दो बंदियों के ख़िलाफ़ लगाए गए आरोपों को ख़ारिज कर दिया है जिससे आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के संदिग्ध व्यक्तियों पर मुक़दमा चलाने के प्रयासों के बारे में ताज़ा संदेह पैदा हो गए हैं.

ये दो मुक़दमे इस आधार पर ख़ारिज कर दिए गए क्योंकि सैन्य आधिकारी दोनों व्यक्तियों के बारे में यह साबित नहीं कर पाए कि वे "ग़ैरक़ानूनी रूप से दुश्मन लड़ाके" थे.

इनमें से एक व्यक्ति कनाडा मूल के उमर क़ादिर पर आपोल था कि उसने अफ़ग़ानिस्तान में एक हथगोले के ज़रिए एक अमरीकी सैनिक को मारा था.

एक अन्य व्यक्ति सलीम अहमद हमदान के ख़िलाफ़ भी आरोप ख़ारिज कर दिए गए हैं. यमनी मूल के हमदान पर आरोप था कि वह अल क़ायदा नेता ओसामा बिन लादने के ड्राइवर और सुरक्षा गार्ड रहे थे.

वाशिंगटन में बीबीसी संवाददाता जेम्स वेस्टहैड का कहना है कि इन दो व्यक्तियों के ख़िलाफ़ लगाए गए आरोप ख़ारिज होना ग्वांतनामो बे शिविर में रखे गए बंदियों पर मुक़दमा चलाने के बुश प्रशासन के प्रयासों के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है.

साल 2006 में कांग्रेस ने नई सैन्य न्यायिक व्यवस्था को मंज़ूरी दी थी जिसके तहत बंदियों पर मुक़दमा चलाने के लिए यह ज़रूरी हो गया है कि पहले उन्हें "ग़ैरक़ानूनी दुश्मन लड़ाके" साबित किया जाए.

जब कई साल पहले बंदियों को श्रेणी निर्धारित की गई थी तो उन्हें सिर्फ़ 'दुश्मन लड़ाके' क़रार दिया गया था और तब 'ग़ैरक़ानूनी' शब्द का इस्तेमाल नहीं किया गया था. इस वजह से इन बंदियों के मामले नए ट्राइब्यूनलों के न्यायिक दायरे से बाहर हो गए थे.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ऐसा लगता है कि ग्वांतनामो बे शिविर में रखे गए बाक़ी 380 बंदियों के मामलों में भी यही नियम लागू होगा जिससे ट्राइब्यूनल प्रणाली क़ानूनी अस्पष्टता की स्थिति में रह जाएंगे. इस बीच बुश प्रशासन के वकील स्थिति को स्पष्ट करने की कोशिश में लगे हैं.

संवाददाता के अनुसार अमरीका सरकार के सामने तीन विकल्प नज़र आते हैं - बंदियों पर मुक़दमा चलाने की पूरी व्यवस्था को ख़त्म कर दिया जाए और नए सिरे से एक नई व्यवस्था बनाई जाए लेकिन ऐसा करना बुश प्रशासन के लिए काफ़ी बड़ी परेशानी वाली बात होगी.

सलीम अहमद हमदान
हमदान पर आरोप था कि वह ओसामा बिन लादेन के ड्राइवर और सुरक्षा गार्ड थे

दूसरा विकल्प ये है कि सभी बंदियों का फिर से दर्जा निर्धारित किया जाए जिसमें उन्हें "ग़ैरक़ानूनी दुश्मन लड़ाके" क़रार दिया जाए लेकिन उसके लिए नए सिरे से प्रशासनिक सुनवाई की ज़रूरत होगी.

तीसरा विकल्प ये है कि इस ताज़ा फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील की जाए लेकिन ऐसा अपील अदालत में ही किया जा सकता है जिन्हें सैन्य कमीशन समीक्षा कहा जाता है और उनका गठन अभी नहीं हुआ है.

ट्राइब्यूनल मुद्दा

बीस वर्षीय उमर क़ादिर सोमवार को अदालत में पेश हुआ जिसे एक क़ैदी की वर्दी के साथ हल्के चप्पल पहने रखे थे और उसकी छोटी सी दाढ़ी भी थी. जब उसे अफ़ग़ानिस्तान में पकड़ा गया था तो उसकी उम्र सिर्फ़ 15 साल थी. उमर क़ादिर पर आरोप था कि उसने 2002 में अल क़ायदा के एक कथित अड्डे में लडा़ई के दौरान एक हथगोले से एक अमरीकी सैनिक को मारा था.

उमर क़ादिर पर हत्या, हत्या का प्रयास, साज़िश रचने और आतंकवादी गतिविधियों को समर्थन देने के आरोप लगाए गए थे.

जज ने यह संभावना खुली छोड़ी कि अगर उमर क़ादिर को एक सरकारी समीक्षा पैनल के सामने पेश किया जाए और उसे औपचारिक रूप से "ग़ैरक़ानूनी दुश्मन लड़ाका" क़रार दिया जाए तो उस पर फिर से आरोप निर्धारित किए जा सकते हैं.

जज ने कहा कि सरकारी वकील 72 घंटे के भीतर अपील दायर कर सकते हैं हालाँकि अभी यह स्पष्ट नहीं था कि वे अपील कहाँ कर सकते हैं. सरकारी वकीलों ने अपील दायर करने की मंशा ज़ाहिर की है.

सलीम अहमद हमदान पर लगे सभी आरोप भी ख़ारिज कर दिए गए. हमदान के वकीलों ने कहा, "यह क़ानून के शासन और लड़ाई के क़ानून के लिए एक जीत है."

अमरीका ने क्यूबा में ग्वांतनामो बे में अपने नौसैनिक अड्डे में बंदी शिविर 2002 में विदेशियों को रखने के लिए बनाया था जिन्हें आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में पकड़ा गया था, उनमें अलक़ायदा और तालेबान के कथित सदस्य भी थे.

शुरू में मुख्य रूप से अफ़ग़ानिस्तान से पकड़े गए 770 लोगों को ग्वांतनामो बे शिविर में लाया गया था.

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