|
ऐतिहासिक जहाज़ में लगी आग | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लंदन के ग्रीनीच उपनगर में वर्षों से पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहे 19वीं सदी के मशहूर जहाज़ कटी सार्क में सोमवार की सुबह भीषण आग लग गई. पुलिस को संदेह है कि हो सकता है कि यह आग जानबूझकर लगाई गई हो. इन दिनों कटी सार्क की मरम्मत का काम चल रहा था. ब्रिटेन के समुद्री व्यापार के इतिहास के एक प्रमुख गवाह रहे इस जहाज़ के तबाह होने से कई लोग काफ़ी दुखी हैं. कटी सार्क के प्रवक्ता ने बताया कि आग से काफ़ी नुक़सान हुआ है लेकिन ख़ुशक़िस्मती की बात ये है कि जहाज़ के अंदर से काफ़ी सामग्री निकालकर बाहर रख दी गई थी क्योंकि मरम्मत का काम चल रहा था वर्ना नुक़सान कहीं अधिक हुआ होता. जहाज़ का मस्तूल और बाक़ी कई अहम हिस्से पहले ही हटा दिए गए थे. कटी सार्क इंटरप्राइज़ इस जहाज़ के मरम्मत के काम में जुटी थी और उसके चेयरमैन क्रिस लेविट ने कहा कि नुक़सान तो हुआ है लेकिन यह उतना बुरा नहीं है जितना हमने सोचा था. लकड़ी और लोहे के खाँचों से बने इस जहाज़ को कितना नुक़सान पहुँचा है अभी इसका आलकन किया जा रहा है, कटी सार्क ट्रस्ट के अध्यक्ष रिचर्ड डॉटी ने कहा कि हमें इस आग से गहरा सदमा लगा है. उन्होंने कहा कि जहाज़ ढाँचा अभी तक तो साबुत है लेकिन पूरी जाँच करने पर ही पता चल सकेगा कि उसकी तली को कोई गंभीर नुक़सान तो नहीं पहुँचा है. पुलिस जहाज़ के आसपास लगे वीडियो कैमरों से ली गई तस्वीरों को देख रही है ताकि आग के बारे में पूरी जानकारी मिल सके, पुलिस का कहना है कि आग लगने से ठीक पहले जहाज़ के आसपास कुछ लोग देखे गए थे. 1869 में बने कटी सार्क ने अपनी पहली यात्रा 1870 में की थी, इसे समुद्री व्यापार के इतिहास की एक यादगार निशानी के तौर पर एक संग्रहालय में तब्दील कर दिया गया था और हर वर्ष तक़रीबन पंद्रह लाख लोग इसे देखने आते थे. दुनिया भर में ग्रीनिच की पहचान बन चुके कटी सार्क ने लंबी समुद्री यात्राएँ तय की थीं और इस जहाज़ पर चीन से लादकर अक्सर चाय लाई जाती थी. इसे लंदन से चीन तक जाने में तीन महीने का समय लगता था और इसने चीन की कुल आठ यात्राएँ कीं, बाद में इसका इस्तेमाल नौसैनिकों को प्रशिक्षण देने के लिए किया जाने लगा और 1951 में इसे संग्रहालय में तब्दील कर दिया गया. कटी सार्क ट्रस्ट को उम्मीद है कि वे जहाज़ को फिर से ठीक कर लेंगे लेकिन इस काम के लिए उन्हें कड़ी मशक्कत करनी होगी और इसमें समय भी काफ़ी लग सकता है, ट्रस्ट ने आम जनता से अपील की है कि वे जहाज़ के पुनर्निर्माण के लिए आर्थिक सहायता दें. | इससे जुड़ी ख़बरें सबसे वृद्ध पेड़ आग की भेंट चढ़ा01 जून, 2003 | पहला पन्ना रियाद की जेल में आग, 67 मरे15 सितंबर, 2003 | पहला पन्ना रेल विस्फोट में 300 लोगों की मौत18 फ़रवरी, 2004 | पहला पन्ना स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस में आग19 फ़रवरी, 2004 | पहला पन्ना चीन में बार में आग से 26 मारे गए26 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना इस्तांबुल हवाईअड्डे पर भीषण आग लगी24 मई, 2006 | पहला पन्ना मास्को के अस्पताल में आग, 42 की मौत09 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना रूस में दो बड़े हादसे: 160 मौतें20 मार्च, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||