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सोमवार, 14 मई, 2007 को 08:53 GMT तक के समाचार
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सात भारतीयों को प्रतिष्ठित एलिस सम्मान

सम्मानित भारतीय
एलिस आइसलैंड सम्मान को विशेष क़ानून के तहत 1986 में स्थापित किया गया था
न्यूयॉर्क में भारतीय मूल के सात अमरीकी नागरिकों को इस वर्ष के प्रतिष्ठित एलिस आइलैंड पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. इनमें से पाँच चिकित्सक हैं.

अमरीका में देश और समाज के प्रति इन लोगों के योगदान के लिए उन्हें इस सम्मान से नवाज़ा गया है.

एलिस आइलैंड मैडल से सम्मानित किए जाने वाले भारतीय मूल के ये अमरीकी विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े हुए हैं. इनमें पाँच चिकित्सक हैं.

इस सम्मान को अमरीकी संसद के विशेष क़ानून के तहत 1986 में स्थापित किया गया था.

विशेष रूप से कला, विज्ञान और कारोबार के क्षेत्र में योगदान के ज़रिए अमरीकी समाज के विकास में मदद करने वाले अमरीकियों को यह सम्मान दिया जाता है.

 मुझे इस सम्मान के लिए चुने जाने पर बेहद खुशी हो रही है और मैं सिर्फ़ बच्चों का चिकित्सक ही नहीं बल्कि भारतीयों के प्रतिनिधि होने पर भी बहुत गौरव महसूस कर रहा हूँ
डॉ जैकब इपन

पुरस्कार कमेटी के सह-अध्यक्ष नासिर काज़ेमीनी कहते हैं, “प्रतिष्ठित एलिस पुरस्कार पाने वालों को सम्मानित करके हमें बेहद खुशी हो रही है क्योंकि इन लोगों ने अमरीकियों के जीवन को बेहतर बनाने में योगदान दिया है.”

डॉक्टरों का सम्मान

सम्मान पाने वाले तीन चिकित्सकों में डॉ अक्षय देसाई, डॉ किरण पटेल, डॉ मेमन ज़कारिया फ़्लोरिडा में रहते हैं. डॉ डेनियल टॉमस केनसास और डॉ जैकब इपन कैलिफ़ोर्निया में रहते हैं.

इसके अलावा सम्मान प्राप्त करने वाली स्मिता शाह और कीर्ति देसाई व्यवसायी हैं.

शिकागो में रहने वाली स्मिता शाह, स्पैन टेक इंजीनियरिंग कंपनी की प्रमुख हैं, जबकि कीर्ति देसाई न्यू जर्सी में एक निर्माण कंपनी के मालिक हैं.

डॉ अक्षय देसाई फ़्लोरिडा के सेंट पीटर्सबर्ग शहर में रहते हैं. डॉ देसाई राष्ट्रपति जार्ज बुश की अध्यक्षता वाली एशियाई अमरीकियों के बारे में स्वास्थ्य से संबंधित समिति के सलाहकार भी हैं.

मूल रूप से केरल के रहने वाले डॉ जैकब इपन कैलिफ़ोर्निया के सेन फ़्रांसिस्को शहर के बेएरिया में बच्चों की बीमारियों के विशेषज्ञ हैं और वो पिछले कई वर्षों से यहाँ ग़रीब बच्चों का इलाज कर रहे हैं.

गर्व का अहसास

इस सम्मान से वो बहुत खुश हैं और सम्मानित महसूस कर रहे हैं.

वो कहते हैं,“मुझे इस सम्मान के लिए चुने जाने पर बेहद खुशी हो रही है और मैं सिर्फ़ बच्चों का चिकित्सक ही नहीं बल्कि भारतीयों के प्रतिनिधि होने पर भी बहुत गौरव महसूस कर रहा हूँ.”

तैंतीस साल की स्मिता शाह स्पैन टेक नामक एक इंजीनियरिंग कंपनी की अध्यक्ष हैं जिसमें करीब 55 लोग काम करते हैं.

 इस प्रतिष्ठित सम्मान को पाकर गर्व महसूस हो रहा है. ख़ासकर इसलिए कि यह सम्मान अमरीका और अमरीकी लोगों की कहानी बयां करता है जिन्होंने इस देश को शक्तिशाली बनाने में योगदान दिया है
स्मिता शाह

उनका कहना था, “इस प्रतिष्ठित सम्मान को पाकर गर्व महसूस हो रहा है. ख़ासकर इसलिए कि यह सम्मान अमरीका और अमरीकी लोगों की कहानी बयां करता है जिन्होंने इस देश को शक्तिशाली बनाने में योगदान दिया है.”

हर साल की तरह इस साल भी न्यूयॉर्क के ऐतिहासिक एलिस द्वीप पर एक भव्य समारोह का आयोजन भी किया गया था जिसमें अतिथियों को पदक दिए जाने से पहले उनका बैंड बाजे के साथ भव्य स्वागत किया गया.

इसी द्वीप को इस समारोह के लिए इसलिए चुना जाता है क्योंकि यह सम्मान भी ऐसे ही लोगों को दिए जाते हैं जिन्होंने ख़ुद या उनके परिवार वालों ने अपने मूल देश को छोड़कर अमरीका में घर बसाया और समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया.

भारतीय दबदबा

पिछले कई वर्षों से भारतीय मूल के अनेक अमरीकियों को देश और समाज के प्रति उनके योगदान के लिए इस सम्मान से सम्मानित किया जाता रहा है.

पिछले साल पांच भारतीय मूल के अमरीकी सम्मानित किए गए थे.

एलिस अवार्ड हासिल करने वालों में बिल क्लिंटन और जिमी कार्टर जैसे अमरीका के छह पूर्व राष्ट्रपति भी शामिल हैं और मशहूर मुक्केबाज़ मोहम्मद अली जैसे मशहूर नाम भी इसमें शामिल रह चुके हैं.

इस वर्ष सम्मान पाने वाली बड़ी हस्तियों में संयुक्त राष्ट्र महासभा की शेखा हया राशिद अल खलीफ़ा, अमरीकी सांसद टॉम लैंटॉस, और हॉलीवुड अभिनेता एरिक ब्रायडन और जॉर्ज हेमिल्टन भी शामिल हैं.

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