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भारतीय मूल के पाँच अमरीकी सम्मानित | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका में भारतीय मूल के पाँच अमरीकियों को एलिस आईलैंड के अवार्ड से सम्मानित किया गया है. इस वर्ष भारतीय मूल के जिन लोगों को सम्मानित किया गया वे हैं– मशहूर लेखक डा. दीपक चोपड़ा, अलाबामा के डा. नवीन नंदा, दिनेश पटेल, न्यूयॉर्क के डा. नवीन मेहता और निरंजन शाह. दीपक चोपड़ा अमरीका में अपनी किताबों के चलते ख़ासे मशहूर हैं. उनकी किताबों में मनुष्य के जीवन की गुत्थियों की ज़्यादा चर्चा होती है इसलिए उन्हें 'स्पिरिच्युल गुरू' भी कहा जाता है. इन सभी भारतीयों को इस बात की भी खुशी थी कि इस बार पाँच भारतीयों को इस पुरस्कार के लिए चुना गया है. दीपक चोपड़ा सम्मान मिलने से तो खुश थे लेकिन वो कुछ अमरीकी नीतियों से नाराज़ नज़र आए. समारोह के बाद वो बोले, “यह तो बहुत खुशी की बात है कि हमारे बहुत से भारतीय साथियों को सम्मानित किया गया है. लेकिन मुझे लगता है कि इस मौक़े का फायदा उठाते हुए हमें अपनी शिकायतों को भी सामने रखना चाहिए.” भव्य समारोह न्यूयॉर्क के ऐतिहासिक एलिस द्वीप पर पूरे बैंड बाजे के साथ एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया था जिसमें अतिथियों को पदक दिए गए. न्यूयॉर्क के डा. नवीन मेहता अमरीका में चैरिटेबल ट्रस्ट भी चलाते हैं और कई ऐसी संस्थाओं से जुड़े भी हैं. इन्होंने भारत में भी एक कैंसर का अस्पताल खोला है. डा. नवीन मेहता तो सम्मान मिलने से गदगद नज़र आए. वो बोले, “ बहुत बढ़िया लगा भाई... आज ऐसा एहसास हुआ कि जो यहाँ आकर काम किया है, उसके लिए अमरीकी जनता ने बहुत प्यार दिया है. आज इतनी खुशी हो रही है कि हम सच्चे अमरीकन हो गए.” अलाबामा में रहने वाले डा. नवीन नंदा एक जाने माने हृदय रोग विशेषज्ञ हैं और अलाबामा विश्वविद्यालय में पढ़ाते भी हैं. दिनेश पटेल साल्ट लेक सिटी में रहते हैं और यूटाह प्रदेश के पहले अमरीकी हैं जिन्हे यह सम्मान मिला है. दिनेश पटेल वी स्प्रिंग नाम की कंपनी के मालिक हैं. स्वास्थ्य और टेक्नोलॉजी से जुड़ी चीज़ों के कारोबार में इन्हें महारथ हासिल है. इनका जन्म तो अफ़्रीकी देश ज़ांबिया में हुआ था, लेकिन पढ़ाई लिखाई भारत में ही की. एक अन्य सम्मानित भारतीय निरंजन शाह इलिनाय के विश्वविद्यालय में बोर्ड मेंबर हैं और एक कुशल व्यवसायी भी हैं. उन्हें इस बात की खुशी ज़्यादा है कि अब अमरीका में भारतीय मूल के लोगों का काम सराहा जा रहा है. निरंजन शाह कहते हैं, “देखिए अमरीका से अवार्ड मिलता है तो यह बड़ी खुशी की बात है. यह भी खुशी है कि इस बार पांच भारतीय लोगों को सम्मानित किया गया है. और यह सब भारतीय लोगों की मेहनत और लगन का नतीजा है कि उनके काम को सराहा जा रहा है. मुझे बहुत गर्व महसूस हो रहा है.” निरंजन शाह का कहना था कि उन्होंने जो हासिल किया वो सिर्फ़ मेहनत से ही नहीं बल्कि भारत से जो संस्कार वो अपने साथ लाए थे, उससे भी बहुत मदद मिली. इससे उन्होंने परिवार के महत्व को जाना और शिक्षा के महत्व को बखूबी समझा. चंद साल पहले तक इक्का दुक्का ही भारतीय कभीकभार सम्मानित किए जाते थे. एलिस आईलैंड का अवार्ड उन लोगों को दिया जाता है जो अपने पेशे के ज़रिए समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं. एलिस अवार्ड को काफ़ी प्रतिष्ठित माना जाता है और यह सम्मान अमरीका की कई बड़ी हस्तियों को मिल चुका है. इसमें पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन, जिमी कार्टर और मोहम्मद अली जैसे मशहूर नाम भी शामिल रह चुके हैं. इस साल अमरीका के पूर्व आंतरिक सुरक्षा मंत्री टाम रिज को भी सम्मानित किया गया. | इससे जुड़ी ख़बरें भारतीय मूल के व्यक्ति के नाम पर डाकखाना16 जुलाई, 2005 | पहला पन्ना अमरीका के 'इंडिया संडे स्कूल'08 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस न्यूयॉर्क पुलिस में सिख कर सकेंगे नौकरी30 जुलाई, 2004 | पहला पन्ना न्यूयॉर्क में कल्पना की याद में सड़क का नाम13 जुलाई, 2004 | पहला पन्ना दोहरी नागरिकता का सपना सच हुआ07 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस 'वोट के अधिकार पर फ़ैसला जल्द'07 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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