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मंगलवार, 13 जुलाई, 2004 को 14:37 GMT तक के समाचार
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न्यूयॉर्क में कल्पना की याद में सड़क का नाम

कल्पना चावला
कोलंबिया अंतरिक्ष यान की दुर्घटना में कल्पना चावला की मौत हो गई थी
अमरीका में भारतीय मूल की पहली महिला अंतरिक्ष यात्री रहीं कल्पना चावला को न्यूयॉर्क में सम्मानित किया गया है.

कोलंबिया अंतरिक्ष यान दुर्घटना में मारी गईं चावला को ये सम्मान दिया गया है न्यूयॉर्क के एक कारोबारी इलाक़े जैकसन हाइट्स की एक सड़क का नाम आधिकारिक तौर पर 'कल्पना चावला वे' रखकर.

न्यूयॉर्क के मेयर माइकल ब्लूमबर्ग ने इस नामकरण की घोषणा करते हुए कल्पना चावला को श्रद्धांजलि दी.

इस समारोह में भारतीय, पाकिस्तानी और बांग्लादेशी सभी दक्षिण एशियाई मूल के लोगों ने भी कल्पना को श्रद्धांजलि अर्पित की.

न्यूयॉर्क में रहने वाले भारतीय लोगों ने कल्पना चावला के प्रति श्रद्धा और प्यार दिखाने के लिए इस नामकरण की पेशकश अमरीकी प्रशासन से की थी.

जैकसन हाइट्स व्यापार मंडल ने न्यूयॉर्क प्रशासन से लिखित सिफ़ारिश की थी कि सरकारी तौर पर जैकसन हाइट्स के इस इलाक़े में '74 स्ट्रीट' का नाम बदलकर 'कल्पना चावला वे' रखा जाए.

काफ़ी ख़ुश हैं लोग

कल्पना चावला की मौत के क़रीब डेढ़ साल के अंदर ही प्रशासन ने उनकी कामना पूरी कर दी. दक्षिण एशियाई लोगों को प्रशासन के इस क़दम से बहुत ख़ुशी हुई है.

कल्पना वे
कल्पना चावला को श्रद्धांजलि स्वरूप नाम दिया गया है सड़क को

मंडल के अध्यक्ष शिव दास कहते हैं, "हम सब लोग बहुत ख़ुश हैं क्योंकि न्यूयॉर्क में ये कभी नहीं हुआ कि किसी विदेशी मूल के हीरो के लिए किसी सड़क का नाम बदल दिया जाए. कल्पना चावला ने इस देश के लिए बलिदान दिया है."

उनके अनुसार, "हम सब, सारे दक्षिण एशियाई लोगों को चाहे वो भारतीय हों, पाकिस्तानी हों या बांग्लादेशी हों, हम सब को उन पर गर्व है."

पिछले साल फ़रवरी में कल्पना चावला की अमरीकी अंतरिक्ष यान कोलंबिया के अंतरिक्ष से वापसी के समय दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से दर्दनाक मौत हो गई थी.

जैकसन हाइट्स को 'लिटिल इंडिया' भी कहा जाता है क्योंकि यहाँ भारतीय मूल के लोगों की एक बड़ी तादाद रहती भी है. यहाँ भारतीय खानपान सामान और तरह-तरह की सैकड़ों दुकानें हैं.

कल्पना चावला के नाम पर रखी गई सड़क यहाँ का काफ़ी व्यस्त सड़कों में से है जहाँ दक्षिण एशियाई मूल के लोगों का हर समय ताँता लगा रहता है.

दिन तो दिन रात में भी यहाँ अच्छी-ख़ासी संख्या में लोग दिख जाते हैं.

इस इलाक़े में आकर भारत की याद सहज ही ताज़ा हो जाती है और इसीलिए भारत की एक रत्न कल्पना चावला को भी इस इलाक़े से जोड़ दिया गया है.

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