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सऊदी अरब में 170 संदिग्ध गिरफ़्तार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सऊदी अरब में अधिकारियों ने कहा है कि आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के संदेह में 170 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है जिनमें कुछ विदेशी भी हैं. सऊदी अरब के आंतरिक मामलों के मंत्रालय के प्रवक्ता जनरल मंसूर अल तुर्की ने स्थानीय मीडिया को बताया कि गिरफ़्तार किए गए लोगों में सऊदी और विदेशी नागरिक शामिल हैं. उन्होंने बताया कि हिरासत में लिए गए लोगों के पास से भारी मात्रा में हथियार और क़रीब पचास लाख डॉलर से ज़्यादा की नक़दी भी बरामद की गई है. आंतरिक मंत्रालय ने कहा है कि गिरफ़्तार किए गए लोगों में से कुछ तो विमान चलाना सीख रहे थे और उनकी योजना तेल के कुछ ठिकानों और सैनिक अड्डों पर हमला करने की थी. बयान सऊदी आंतरिक मामलों के मंत्रालय का एक वक्तव्य सरकारी टेलीविज़न चैनल अल अख़बारिया पर पढ़कर सुनाया गया. इस बयान में कहा गया, "इनमें से कुछ लोगों ने हथियार चलाने का प्रशिक्षण लेना शुरू किया था और उनमें से कुछ को विमान चलाने का प्रशिक्षण हासिल करने के लिए विदेशों में भेजा गया था." बयान में कहा गया कि इन सभी का मक़सद सऊदी अरब में विभिन्न स्थानों पर आतंकवादी हमले करना था. टेलीविज़न चैनल पर ऐसे कुछ हथियार भी दिखाए गए जिनके बारे में कहा गया कि वे रेतीले स्थानों में कहीं दबाकर छुपा दिए गए थे. सऊदी अरब 2003 के बाद से ही ऐसे चरमपंथियों की मौजूदगी की समस्या का सामना कर रहा है जिनका संबंध अल क़ायदा से हो सकता है. 2003 में सऊदी अरब में विदेशियों को निशाना बनाकर कई आत्मघाती हमले हुए थे. | इससे जुड़ी ख़बरें 'इराक़ पर विदेशियों का अवैध क़ब्ज़ा'28 मार्च, 2007 | पहला पन्ना शांति योजना में जान फूँकने की कोशिश28 मार्च, 2007 | पहला पन्ना 'सऊदी अरब में 136 चरमपंथी गिरफ़्तार'02 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना रियाद में मुठभेड़, पाँच चरमपंथियों की मौत27 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना ब्रिटेन और सऊदी अरब में रक्षा सौदा22 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना 'बुश की हत्या की साज़िश का दोषी'23 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना अब्दुल्लाह अल क़ायदा पर बरसे14 अक्तूबर, 2005 | पहला पन्ना क्या है सऊदी अरब में तनाव का कारण?09 नवंबर, 2003 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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