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ब्रिटेन और सऊदी अरब में रक्षा सौदा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन ने सऊदी अरब के साथ एक नए हथियार समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं जिसके तहत सऊदी अरब को नए लड़ाकू विमान दिए जाएंगे. ये नए लड़ाकू विमान काफ़ी पुराने टोरनेडो विमानों की जगह लेंगे. ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने ऐसी ख़बरों का खंडन किया है कि यह समझौता सऊदी अरब सरकार की उस कथित शर्त के साथ किया गया है जिसमें लंदन में रहने वाले दो सऊदी असंतुष्टों को ब्रिटेन से देश निकाला देने की मांग की गई थी. रक्षा मामलों के बीबीसी संवाददाता रॉब वाटसन का कहना है कि इस रक्षा सौदे का विवरण गुप्त रखा जा रहा है लेकिन इस बारे में ठोस जानकारियाँ बाहर आई हैं. सऊदी अरब से मिलने वाली ख़बरों में कहा गया है कि यह रक्षा सौदा बीस अरब डॉलर तक का हो सकता है और जिसमें सत्तर लड़ाकू विमान सऊदी अरब को दिए जाएंगे. सऊदी सरकार टाइफ़ून यूरो लड़ाकू विमान ख़रीद रही है और जो कंपनी ये विमान बनाती है उसमें ब्रितानी कंपनी बीएई सिस्टम्स भी शामिल है. ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि ब्रितानी उद्योग जगत के लिए यह एक अच्छी ख़बर है और इससे अगले क़रीब दस वर्षों में हज़ारों नौकरियाँ सुरक्षित हो सकेंगी. ब्रिटेन और सऊदी अरब के साथ दीर्घकालीन संबंधों के तहत यह एक बड़ा सौदा है और यह विवादों में घिरने से नहीं रह सका है. सितंबर में कुछ अख़बारों में कहा गया था कि सऊदी अरब सरकार यह सौदा कुछ शर्तों के साथ कर रही है जिन्हें ब्रिटेन को पूरा करना है और उन शर्तों में एक यह भी शामिल बताई गई है कि ब्रिटेन उन दो सऊदी असंतुष्टों को देश से निकालेगा जो लंदन में रह रहे हैं. एक अन्य शर्ते ये भी बताई गई कि ब्रिटिश एयरवेज़ सऊदी अरब के लिए अपनी उड़ानें फिर शुरू करेगी. ब्रितानी रक्षा मंत्रालय के अधिकारयों ने इन ख़बरों का खंडन किया है और ज़ोर देकर कहा है कि किसी सौदे या समझौते के लिए इस तरह की कोई शर्त नहीं रही है और न ही कभी रहेगी. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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