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गुरुवार, 19 अप्रैल, 2007 को 00:01 GMT तक के समाचार
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चो ने टीवी चैनल को वीडियो भेजा था
चो सुंग हुई
चैनल को भेज गई सामग्री में से ली गई चो की तस्वीर कुछ ऐसी है
अमरीका के वर्जीनिया टेक यूनिवर्सिटी में 32 लोगों की हत्या करने वाले कोरियाई छात्र चो सुंग हुई ने एक अमरीकी टेलीविज़न को वीडियो भेजा था जिसके कुछ अंश प्रसारित किए गए हैं.

टेलीविज़न चैनल एनबीसी के अनुसार चो ने उन दो घंटों के दौरान यह वीडियो भेजा जब वो परिसर में लोगों की हत्याएं कर रहा था.

चैनल को यह वीडियो बुधवार को मिला है. इस वीडियो में कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें और लिखित सामग्री है. चैनल ने यह वीडियो जांच एजेंसी एफ़बीआई को दे दिया है.

एनबीसी से जुड़ी वेबसाइट एमएसएनबीसी ने चो की भेजी गई तस्वीरों में से एक तस्वीर लगाई है जिसमें उसके हाथ में दो पिस्तौलें हैं.

वर्जीनिया पुलिस कहती है कि यह वीडियो जांच कार्य में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है.

 चो ने जो कुछ लिखा है वो घोषणापत्र जैसा है जिसमें तस्वीरें भी शामिल हैं
स्टीव कैंपस, एबीसी न्यूज़ प्रमुख

पुलिस ने यह भी साफ़ किया है कि चो को 2005 में दो छात्राओं की शिकायत के बाद मानसिक अस्पताल ले जाया गया था.

एनबीसी न्यूज़ के प्रमुख स्टीव कैंपस बताते हैं कि इसमें जो कुछ लिखा है वो घोषणापत्र जैसा है जिसमें तस्वीरें भी शामिल हैं.

कैपस के अनुसार चो ने क्या लिखा है यह समझना मुश्किल है लेकिन यह बहुत गुस्से में लिखा गया प्रतीत होता है. इस वीडियो में चो ने ईसाई धर्म की आलोचना भी की है.

गोलीबारी

सोमवार को चो सुंग हुई ने विश्वविद्यालय परिसर में 32 लोगों को गोली मार कर हत्या कर दी थी.

मीनल पांचाल
गोलीबार में मीनल पांचाल की मौत हो गई थी

अंग्रेज़ी का छात्र 23 वर्षीय चो सुंग हुई दक्षिण कोरियाई मूल का था और वह विश्वविद्यालय परिसर में ही रहता था.

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि उसने बिना एक शब्द बोले जो भी सामने आया उसे गोलियों से ढेर कर दिया.

विश्वविद्यालय के परिसर में गोलीबारी की दो घटनाएँ दो घंटे के अंतराल के बीच हुई थीं जिसमें हमलावर समेत 33 लोग मारे गए थे.

इस गोलीबारी में एक भारतीय मूल के प्रोफ़ेसर जी वी लोगनाथन और एक भारतीय छात्रा मीनल पांचाल भी मारे गए हैं.

लोगनाथन वर्जीनिया विश्वविद्यालय के सिविल और पर्यावरण इंजीनियरिंग विभाग में प्रोफ़ेसर थे और मीनल विश्वविद्यालय की प्रथम वर्ष की छात्रा थी.

मीनल पांचालभारत का सपना
वर्जीनिया में गोलीबारी का शिकार हुई मीनल ने भारत आने का सपना देखा था.
चो सुंग हुई चो अंतर्मुखी था
वर्जीनिया में गोलीबारी करने वाला छात्र सिर्फ़ अपने में ही खोया रहता था.
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