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'इराक़ी कैबिनेट से हटने की धमकी' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ी शिया नेता मुक़्तदा अल सद्र के क़रीबियों का कहना है कि वो सोमवार को अपने प्रतिनिधियों से सरकार से बाहर होने को कह सकते हैं. माना जा रहा है कि वो यह क़दम इराक़ से अमरीकी सेनाओं की वापसी की माँग पर बल देने के लिए उठा रहे हैं. अभी इराक़ी सरकार में सद्र के छह प्रतिनिधि हैं. सद्र पहले भी थोड़े समय के लिए अपने प्रतिनिधियों को सरकार से बाहर कर चुके हैं. उस समय उन्होंने प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी पर अमरीका से घनिष्ठता बढ़ाने का आरोप लगाया था. हिंसा इस बीच इराक़ में हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है. शनिवार से अब तक 100 से ज़्यादा लोग हिंसा में मारे गए हैं. रविवार को भी इराक़ की राजधानी बग़दाद में दो कार बम विस्फोट हुए हैं. इसके अलावा कई अन्य जगहों पर हिंसा हुई है. इनमें 60 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं. इराक़ की राजधानी बग़दाद के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में हुए दो कार बम विस्फोटों में कम से कम 15 लोग मारे गए और 50 घायल हो गए. पहला विस्फोट शुर्त रबिया बाज़ार के शिया बहुल इलाक़े में हुआ. पुलिस का कहना है कि दूसरा कार बम विस्फोट उस समय हुआ जब राहतकर्मी पहले विस्फोट की चपेट में आए लोगों को वहाँ से हटा रहा था. पुलिस ने सड़कों पर से 30 लाशें भी बरामद की है. पुलिस का कहना है कि ये जातीय हिंसा के शिकार हुए लोग थे. | इससे जुड़ी ख़बरें बग़दाद में कई विस्फोट, 60 की मौत15 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना इराक़ में धमाके, लगभग 50 की मौत14 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना चरमपंथियों ने ली ज़िम्मेदारी13 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना 'इराक़ में हालात बेहद ख़तरनाक'11 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना बुश ने की इराक़ पर बातचीत की पेशकश10 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना 'अमरीकी सैनिकों से इराक़ छोड़ने को कहें'08 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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