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वुल्फ़ोवित्ज़ के भाग्य का फ़ैसला टला | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
विश्व बैंक के निदेशक मंडल ने बैंक के अध्यक्ष पॉल वुल्फ़ोवित्ज़ के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने के बारे में फ़ैसला टाल दिया है. वुल्फ़ोवित्ज़ पर बैंक में कार्यरत अपनी प्रेमिका शाहा रिज़ा का वेतन बढ़ाने और पदोन्नति करने का आरोप लगा है और इस मुद्दे पर देर रात तक बोर्ड की बैठक भी हुई. हालाँकि वुल्फ़ोवित्ज़ ने इस मुद्दे पर माफी माँगी है और कहा है कि बोर्ड जो भी फ़ैसला करेगा उन्हें मान्य होगा. बोर्ड की देर रात तक चली बैठक के बाद जारी बयान में कहा गया है कि वुल्फ़ोवित्ज़ के ख़िलाफ़ किसी कार्रवाई के बारे में जल्दी फ़ैसला लिया जाएगा. बयान में साफ़ किया गया है कि वुल्फ़ोवित्ज़ ने अपनी प्रेमिका का वेतन बढ़ाने और उन्हें पदोन्नति देने के लिए बोर्ड की अनुमति नहीं ली थी और बैंक स्टाफ को अपनी प्रेमिका का वेतन बढ़ाने और प्रोन्नति के बारे में सभी निर्देश दिए थे. इस मामले में वोल्फ़ोवित्ज़ के इस्तीफ़े की माँग हो रही है जिसके बाद कार्यकारी बोर्ड की बैठक हुई. नई नौकरी वुल्फ़ोवित्ज़ ने पहले कहा था कि वो इस मामले में किसी प्रकार से संलग्न नहीं है लेकिन बाद में उन्होंने कहा," अब मुझे लगता है कि शायद मुझे अपने दिल की बात माननी चाहिए थी और इस मामले से अलग रहना चाहिए था. मैंने ग़लती की और मैं शर्मिंदा हूं." बैक के अध्यक्ष का कहना था कि ये उनकी नई नौकरी है और ये ऐसे मसले हैं जिनके बारे में उन्हें पता नहीं था. बैंक के स्टाफ का कहना है कि प्रोन्नति और वेतन में बढ़ोतरी नियमों के ख़िलाफ़ है. स्टाफ एसोसिएशन की प्रतिनिधि एलिस केव ने बैठक के दौरान टिप्पणी करते हुए कहा कि अध्यक्ष को यह मानना चाहिए कि उनके कृत्य से बैंक की साख को बट्टा लगा है. वुल्फ़ोवित्ज़ के ख़िलाफ़ ये मामला ऐसे समय में आया है जब वो भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ कड़ा रुख अपनाए हुए हैं और उन्होंने कई देशों को दी जाने वाली सहायता राशि रोक दी है. वुल्फ़ोवित्ज़ ने जब 2005 के मध्य में बैंक की बागडोर संभाली थी तो रिज़ा बैंक में आठ साल काम कर चुकी थीं और हितों के टकराव को रोकने के लिए उनका स्थानांतरण विदेश मंत्रालय में कर दिया गया था. हालांकि रिज़ा का वेतन विश्व बैंक दे रही थी और उनका वेतन बढ़ते बढ़ते विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस के वेतन से भी अधिक हो गया. | इससे जुड़ी ख़बरें विश्व बैंक की चेतावनी21 अप्रैल, 2002 | पहला पन्ना लंबा अनुभव है वुल्फोवित्ज़ का 16 मार्च, 2005 | पहला पन्ना हर साल 10 खरब रुपए की रिश्वत!09 दिसंबर, 2004 | पहला पन्ना विश्व बैंक से भारत को दोगुना कर्ज़27 जून, 2004 | कारोबार वुल्फोवित्ज़ की नियुक्ति पक्की31 मार्च, 2005 | पहला पन्ना वुल्फ़ोवित्ज़ के नामांकन पर 'चिंता'23 मार्च, 2005 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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