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ईरान के साथ किसी सौदे का खंडन | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ज़ोर देकर कहा है कि पंद्रह ब्रितानी नौसैनिकों को ईरान की हिरासत से रिहा कराने के लिए ईरान के साथ कोई सौदेबाज़ी नहीं की गई है. उधर पंद्रह ब्रितानी नौसैनिक ईरानी हिरासत से रिहा होने के बाद गुरूवार को लंदन पहुँच गए. प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने कहा, "ब्रितानी नौसैनिक बिना किसी सौदेबाज़ी के रिहा हुए हैं और किसी भी पक्ष ने किसी भी तरह का कोई समझौता नहीं किया है." टोनी ब्लेयर से यह भी पूछा गया कि क्या इराक़ में हिरासत में लिए गए एक ीरानी अदिकारी को रिहा किया गया है और कुछ अन्य ईरानी अधिकारियों से भी प्रतिनिधियों को मिलने की इजाज़त दी गई है. टोनी ब्लेयर ने इस पर कहा, "इराक़ में हिरासत में लिए गए किसी ईरानी के बारे में कोई समझौता नहीं किया गया है क्योंकि अगर किसी को हिरासत में लिया गया है तो ऐसा इराक़ के सामान्य कामकाज में बाधा पहुँचाने के आरोप में किया गया है." उन्होंने कहा कि नौसैनिकों को हिरासत में लिए जाने से उठे विवाद के दौरान 13 दिन की अवधि में संपर्क के कुछ नए साधन क़ायम हुए हैं जिन्हें बनाए रखना 'समझदारी' हो सकती है. लेकिन टोनी ब्लेयर ने कहा कि इसके बावजूद अन्य मुद्दों पर रुख़ में कोई कमज़ोरी नहीं दिखाई जा सकती, मसलन इराक़ में आतंकवाद को सहायता दिए जाने जैसे मुद्दों पर. टोनी ब्लेयर ने कहा, "पिछले कुछ सप्ताहों के दौरान ईरान के साथ संपर्क के जो नए साधन बने हैं उन्हें हम क़ायम रखने और द्विपक्षीय बातचीत के लिए दरवाज़ा खुला रखने के लिए तैयार हैं लेकिन हमें ईरानी सरकार के किसी भी पक्ष से आतंकवाद को मिलने वाली सहायता के मुद्दे पर अपने रुख़ पर भी दृढ़ता से क़ायम रहना होगा." 'आतंकवादी कार्रवाई' पंद्रह ब्रितानी नौसैनिकों की वापसी के मौक़े पर बोलते हुए टोनी ब्लेयर ने कहा कि वे इस मौक़े पर बहुत ख़ुश हैं लेकिन ख़ुशी की ये ख़बर हमें एक "बुरी ख़बर" से बाँटनी पड़ रही है कि इराक़ के बसरा में चार ब्रितानी सैनिक "एक आतंकवादी कार्रवाई" में मारे गए हैं. ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने इस ख़बर की पुष्टि की है कि बसरा में एक सड़क पर हुए बम विस्फोट में चार ब्रितानी सैनिकों की मौत हो गई है और एक अन्य गंभीर रूप से घायल हुआ है. टोनी ब्लेयर ने कहा कि "अभी इस बारे में जल्दबाज़ी होगी" कि क्या इस विशेष हमले के पीछे ईरान का कोई हाथ था या नहीं लेकिन ब्लेयर ने कहा, "हालात ये हैं, जैसाकि मैंने पहले भी कहा है कि ईरानी सरकार में कुछ ऐसे तत्व हैं जो इराक़ में आतंकवाद को धन और हथियारों के रूप में सहायता दे रहे हैं." | इससे जुड़ी ख़बरें रिहाई के बाद ब्रितानी नौसैनिक लंदन पहुँचे05 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना ईरान ने ब्रितानी नौसैनिक रिहा किए04 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना नौसैनिकों पर 'ईरान में मुक़दमा नहीं'02 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना बंधकों की अदला-बदली से इनकार31 मार्च, 2007 | पहला पन्ना ईरान का 'अक्षम्य व्यवहार' निंदनीय : बुश31 मार्च, 2007 | पहला पन्ना नौसैनिकों का मुद्दा यूरोपीय संघ में उठेगा30 मार्च, 2007 | पहला पन्ना ईरान ने संयुक्त राष्ट्र की अपील ठुकराई30 मार्च, 2007 | पहला पन्ना नौसैनिकों से मिल पाएँगे ब्रितानी अधिकारी 29 मार्च, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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