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उत्तर कोरिया का 'आईएईए को न्यौता' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के प्रमुख मोहम्मद अलबरदेई ने कहा है कि उन्हें उत्तर कोरिया ने परमाणु मसले पर बातचीत के लिए आमंत्रित किया है. अलबरदेई ने बताया कि अपने आमंत्रण में उत्तर कोरिया ने मंशा जाहिर की है कि वो परमाणु अप्रसार की दिशा में एक समझौते को प्रभावी बनाने के लिए उत्तर कोरिया के साथ बातचीत में शामिल हों. इस समझौते के मुताबिक उत्तर कोरिया अपने परमाणु कार्यक्रम को टालना चाहता है और मौजूदा परमाणु सुविधाओं को नष्ट करना चाहता है. ग़ौरतलब है कि पिछले महीने ही उत्तर कोरिया ने छह सदस्यी बैठक में कहा था कि वो अपने परमाणु अप्रसार की दिशा में शुरुआती क़दम उठाएगा. उत्तर कोरिया ने यह भी कहा था कि वह अपने योंगबॉन रिएक्टर को अगले 60 दिनों के भीतर बंद कर देगा. संबंधों की पुनर्बहाली विएना में एक पत्रकार वार्ता में बोलते हुए उन्होंने कहा, "उत्तर कोरिया ने कहा है कि वो परमाणु एजेंसी के साथ एक व्यवहारिक संबंध स्थापित करना चाहता है और आशा है कि वह फिर से सदस्य भी बने." वर्ष 1997 में आईएईए प्रमुख बनने के बाद से अलबरदेई की यह पहली उत्तर कोरिया यात्रा होगी. उधर दूसरी ओर दक्षिण कोरिया के एक अधिकारी ने अमरीका की ओर से उत्तर कोरिया पर लगाए गए उस आरोप का समर्थन किया है जिसके मुताबिक उत्तर कोरिया गुप्त रूप से एक भूमिगत परमाणु कार्यक्रम विकसित करने में लगा था. हालांकि दक्षिण कोरियाई अधिकारी ने कहा है कि शायद यह परमाणु कार्यक्रम अभी प्रभावी रूप नहीं ले सका है. उत्तर कोरिया ने इस आरोप का सिरे से खंडन किया है. | इससे जुड़ी ख़बरें उत्तर कोरिया पर महत्वपूर्ण 'समझौता' 13 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना 'उत्तर कोरिया रिएक्टर बंद करने पर राज़ी'13 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना उत्तर कोरिया: अब समझौते की चर्चा09 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना उत्तर कोरिया को फिर मनाने की कोशिश08 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना 'उत्तर कोरिया परीक्षण से बाज आए'05 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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