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रूस में स्वास्थ्य संकट की स्थिति | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रूस में आयु प्रत्याशा यानी औसत आयु में कमी आने को एक संकट क़रार देते हुए सरकार ने इसमें सुधार लाने के लिए एक आपात कार्यक्रम तैयार किया है जिसके लिए क़रीब तीन अरब डॉलर की रक़म निर्धारित की गई है. रूस में ख़ासतौर से पुरुषों की आयु प्रत्याशा में ख़ासी गिरावट देखी गई है और लोगों के ख़राब स्वास्थ्य ने भी सरकार के लिए चिंता खड़ी कर दी है. नए आपात कार्यक्रम में ख़ासतौर से डायबटीज़, टीबी, एचआईवी/एड्स और कैंसर से होने वाली मौतें कम करने पर ज़्यादा ध्यान दियाजाएगा. रूस के स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि पुरुषों की औसत आयु 60 साल से भी कम रह गई है जबकि अन्य विकसित और औद्योगिक देशों में यह उम्र 75 साल है. रूस में महिलाओं की औसत आयु यानी आयु प्रत्याशा 72 साल है. राजनीतिक संवेदनशीलता राजधानी मॉस्को में बीबीसी संवाददाता स्टीवन एके का कहना है कि इस आपात कार्यक्रम में पाँच साल की एक योजना बनाई गई है जिसमें दुनिया के सबसे ख़तरनाक स्वास्थ्य संकटों में से एक में सुधार करने की चुनौती है. सोवियत संघ के विघटन के बाद से बहुत सी बीमारियाँ बहुत तेज़ी से फैली हैं. प्रधानमंत्री मिखाइल फ्रेडकोफ़ का कहना है, "हम इस समस्या का गंभीरता से मुक़ाबला करने की तैयारी कर रहे हैं और इसके तहत टीबी, डायबटीज़, कैंसर और अन्य बीमारियों को दूर करने के लिए समुचित धन रखा जाएगा."
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि रूसी और अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा अधिकारी सरकार पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते रहे हैं, यहाँ तक कि सरकार इस तरह के स्वास्थ्य संकट की स्थिति से इनकार करती रही है. संवाददाता के अनुसार कुछ लोग तो यह भी ध्यान दिलाते हैं कि इस स्वास्थ्य संकट के लिए जो धनराशि आबंटित की जा रही है वह रूसी सशस्त्र सेनाओं पर ख़र्च की जाने वाली राशि का सिर्फ़ 60वाँ हिस्सा है. रूस में इस तरह का स्वास्थ्य संकट राजनीतिक रूप से बहुत संवेदनशील है. रूस की जनसंख्या में साल 2006 में पाँच लाख साठ हज़ार की कमी हुई थी और जनसंख्या घटकर क़यरीब 14 करोड़ 22 लाख रह गई थी जोकि सोवियत संघ के विघटन के बाद सबसे कम स्तर पर थी. विशेषज्ञ ध्यान दिलाते हैं कि रूस में जो यह स्वास्थ्य संकट पैदा हुआ है उसकी ख़ास वजह लोगों की अनियमित जीवनशैली है, ख़ासतौर पर बहुत से लोग बहुत ज़्यादा धूम्रपान करते हैं और शराब पीते हैं. पर्यावरण से जुड़े कुछ मुद्दे भी हैं. साल 2006 में एक अमरीकी शोध केंद्र ने सर्वे किया था जिसमें कहा गया था कि दुनिया भर में सबसे ज़्यादा प्रदूषित जितने भी स्थान हैं, वो पूर्व सोवियत संघ में रहे हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें बच्चों के चौतरफ़ा विकास में खाई14 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना रूसी सैनिकों के 'यौन शोषण' की जाँच13 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना नींद पूरी ना होय तो...10 फ़रवरी, 2007 | विज्ञान डायबिटीज़ के बढ़ते ख़तरे पर चेतावनी13 नवंबर, 2006 | विज्ञान 24/7 जीवन शैली के ख़तरनाक प्रभाव08 सितंबर, 2006 | विज्ञान एशियाई बच्चों में विटामिन-डी की कमी03 सितंबर, 2006 | विज्ञान चाय पीना पानी से भी 'बेहतर' है!24 अगस्त, 2006 | विज्ञान विकासशील देशों में डॉक्टरों-नर्सों की कमी07 अप्रैल, 2006 | विज्ञान इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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