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पुर्तगाली रईस का अनोखा वसीयतनामा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
एक पुर्तगाली रईस ने अपने वसीयतनामे में अपनी संपत्ति 70 अनजान लोगों के नाम करके सबको चौंका दिया. यह वसीयत पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन के लुई कार्लोस दे नोरोन्हा द कमारा नाम के व्यक्ति की है. कार्लोस ने इन 70 व्यक्तियों का चयन अनायास ही लिस्बन की एक फोन डाइरेक्टरी से किया था. उन्होंने 13 साल पहले ही दो गवाहों के सामने रजिस्ट्री ऑफिस में अपना वसीयतनामा पंजीकृत करवाया था. लुई कार्लोस के पास सेन्ट्रल लिस्बन में 12 कमरों का एक अपार्टमेंट और पुर्तगाल के ऐतेहासिक शहर गिमारेस में भी एक मकान है. उनके पास एक कार और उनके खाते में 25 हजार यूरो भी हैं. पुर्तगाल में जहाँ आम तौर पर लोग वसीयत नहीं बनाते हैं कुछ लोगों को यह बहुत अजीबोगरीब लगा. पुर्तगाली लॉ एशोसिएशन के उपाध्यक्ष पेरी द कमारा कहते हैं, “हमारे यहाँ वसीयतनामे की परंपरा नहीं रही है. दरअसल, वसीयत की बात करना मृत्यु की बात करने जैसा है और इसलिए लोग इसके बारे में बात करना पसंद नहीं करते.” यहाँ तक कि जिन्हें कार्लोस ने अपने वसीयत के लिए चुना था उनमें से भी कुछ लोगों को लगा कि उनके साथ कुछ धोखा हो रहा है. एक वरिष्ठ पुर्तगाली वकील ने बीबीसी को बताया कि इनमें से कई के लिए तो यह एक बहुत बड़ा झटका सरीखा था. लुई कार्लोस अपनी मृत्यु के समय 42 वर्ष के थे और कुँवारे थे. | इससे जुड़ी ख़बरें बिल्ली बनी अमीर06 मई, 2003 | पहला पन्ना बिड़ला परिवार का ख़ज़ाना मिला02 सितंबर, 2005 | कारोबार रिलायंस समूह में स्वामित्व का विवाद22 नवंबर, 2004 | कारोबार पुर्तगाल सालेम को सौंप सकता है19 जुलाई, 2004 | भारत और पड़ोस बिड़ला परिवार में वसीयत का संकट 14 जुलाई, 2004 | भारत और पड़ोस मूंगफली बेचने वाला मालामाल25 नवंबर, 2004 | भारत और पड़ोस धक्का-मुक्की वाले मैच में पुर्तगाल जीता25 जून, 2006 | खेल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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