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पाकिस्तानी युवक को षडयंत्र के लिए सज़ा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका में न्यूयॉर्क की एक अदालत ने एक भूमिगत रेलवे स्टेशन को बम से उड़ाने का कथित षडयंत्र रचने के आरोप में एक पाकिस्तानी युवक को 30 साल की सज़ा सुनाई है. शाहवर मतीन सिराज़ नाम के इस पाकिस्तानी नागरिक को पिछले साल मैनहट्टन भूमिगत रेलवे स्टेशन को उड़ाने के षडयंत्र का दोषी पाया गया था. हालांकि न तो इस बात के कोई सबूत मिले कि उन्होंने विस्फोटक हासिल किए थे और न यह कि उनका संबंध किसी चरमपंथी संगठन से था. सिराज़ के वकीलों का कहना है कि वह एक 24 साल का भटका हुआ युवक है जो पुलिस मुख़बिर के बिछाए गए एक जाल में फँस गया और वह कोई 'आतंकवादी' नहीं है. लेकिन अभियोजन पक्ष के वकीलों का कहना था कि सिराज़ एक ऐसे षडयंत्र का मुखिया था जिस पर अमल किया जा सकता था, लेकिन वह पकड़ लिया गया. हालांकि सिराज़ ने माना था कि उन्होंने रेलवे स्टेशन पर हमले के लिए आरंभिक सर्वेक्षण किया था. जिसमें बम रखने की जगह की पहचान आदि शामिल था. सज़ा पूरी होने के बाद शिराज़ को पाकिस्तान वापस भेज दिया जाएगा. | इससे जुड़ी ख़बरें मौत के क़रीब जाकर मिली आजादी27 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना क्या है सच्चाई पाकिस्तानी मदरसों की?05 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना हिरासत में पाकिस्तानी छात्र की मौत05 मई, 2006 | पहला पन्ना 'हमलावर ब्रिटेन में तैयार हुए'09 अगस्त, 2005 | पहला पन्ना ब्रितानी मुसलमानों में चिंता की लहर13 जुलाई, 2005 | पहला पन्ना 'तीन संदिग्ध हमलावर पाकिस्तानी मूल के'13 जुलाई, 2005 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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