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अमरीकी रिपोर्ट पर भड़के तालबानी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ के राष्ट्रपति जलाल तालबानी ने अमरीका की उच्च स्तरीय रिपोर्ट के कुछ प्रमुख अंशों की आलोचना की है जिनमें इराक़ में रणनीति बदले जाने की मांग की गई है. तालबानी ने इराक़ स्टडी ग्रुप के उस प्रस्ताव को भी ख़ारिज़ कर दिया जिसमें कहा गया था कि इराक़ की सुरक्षा व्यवस्था में सुधारन ना होने की स्थिति में अमरीकी सेना को वहाँ से हटा लेना चाहिए. उन्होंने सद्दाम हुसैन के शासनकाल के कुछ नेताओं को देश में शांति वार्ता में शामिल करने का भी विरोध किया है. इराक़ी राष्ट्रपति का ये बयान ऐसे समय आया है जब जल्द ही अपना पद छोड़ रहे अमरीका के रक्षा मंत्री डोनाल्ड रम्सफ़ेल्ड ने इराक़ का अचानक दौरा किया. रम्फ़ेल्ड युद्ध में अमरीकी सैनिकों के प्रयासों के लिए उन्हें धन्यवाद देने इराक़ गए हैं. आलोचना इस बीच इराक़ स्टडी ग्रुप की रिपोर्ट की आलोचना करते हुए इराक़ी राष्ट्रपति तालबानी ने उस मांग को भी ख़ारिज़ कर दिया जिसमें इराक़ में राजनीतिक सामंजस्य न बनने और सुरक्षा बेहतर ना होने की स्थिति में अमरीका से इराक़ को दिया गया समर्थन वापस लेने की बात कही गई है. तालबानी ने कहा इराक़ के साथ एक संप्रभु राष्ट्र की तरह नहीं बल्कि अमरीका के किसी उपनिवेश की तरह बर्ताव किया जा रहा है. इराक़ी राष्ट्रपति ने कहा, "मुझे लगता है कि बेकर-हैमिल्टन रिपोर्ट निष्पक्ष और न्यायसंगत नहीं है. इस रिपोर्ट में इराक़ की संप्रभुता और उसके संविधान को कमज़ोर करने वाली कई बातें कही गई हैं." इराक़ में शांति स्थापित करने के लिए हो रही कोशिशों में सद्दाम हुसैन शासन के कुछ प्रतिनिधियों को शामिल करने का भी तालबानी ने विरोध किया उन्होंने कहा कि बाथ पार्टी के सदस्यों को शामिल करना तानाशाही के ख़िलाफ़ इराक़ी जनता के लंबे संघर्ष के लिए ग़लत होगा. हालाँकि इराक़ के सुन्नी नेताओं ने रिपोर्ट की सिफ़ारिशों का स्वागत किया है लेकिन बीबीसी के साथ ख़ास बातचीत में सऊदी अरब के विदेश मंत्री शहज़ादे सउद-अल-फ़ैसल ने इराक़ में हो रही हिंसा के मध्य पूर्व में फैलने की चेतावनी दी है. उन्होंने सऊदी अरब में एक क्षेत्रीय सम्मेलन आयोजित करने को 'दिलचस्प विचार' कहा लेकिन साथ ही उन्होंने सीरिया और ईरान से इराक़ के घरेलू मामलों में दख़ल ना देने को कहा. राष्ट्रपति तालबानी का बयान ऐसे समय आया है जब जल्द ही अपना पद छोड़ रहे अमरीकी रक्षा मंत्री डोनल्ड रम्सफ़ेल्ड इराक़ के दौरे पर हैं. सीआईए के पूर्व प्रमुख रॉबर्ट गेट्स 18 दिसंबर को डोनल्ड रम्सफ़ेल्ड की जगह नए रक्षा मंत्री होंगे. अनबार प्रांत के एक सैनिक ठिकाने में 1200 अमरीकी सैनिकों को संबोधित करते हुए रम्सफ़ेल्ड ने कहा कि अमरीकी सेना को तब तक युद्ध नहीं रोकना चाहिए जब तक दुश्मन पूरी तरह हार ना जाए. | इससे जुड़ी ख़बरें करबला में धमाका, पाँच लोगों की मौत09 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना अमरीका की सशर्त मदद को तैयार ईरान09 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना बुश को इराक़ पर सहमति की उम्मीद09 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना इराक़ में 'अल क़ायदा चरमपंथी' मारे गए08 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना बुश ने कहा कि इराक़ नीति बदलेगी07 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना कोई जादुई फ़ॉर्मूला नहीं है: इराक़ रिपोर्ट 06 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना 'रिपोर्ट में इराक़ नीति में बदलाव का आग्रह'06 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना इराक़ रिपोर्ट को बहुत गंभीरता से लेंगे: बुश06 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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