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अमरीका की सशर्त मदद को तैयार ईरान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ईरान के विदेश मंत्री मनुचेहर मोत्तकी ने कहा है कि उनका देश इराक़ से अपनी सेना हटाने में अमरीका की मदद करने को तैयार है लेकिन कुछ शर्तों के साथ. उन्होंने कहा कि इराक़ समस्या के समाधान के लिए अहम ये है कि विदेशी सैनिक वहाँ से हट जाएँ. ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि अमरीका अपने व्यवहार में बदलाव लाए, तो ईरान उसे इराक़ से बाहर निकलने में मदद देने को तैयार है. मोत्तकी ने ये नहीं बताया कि वो अमरीकी व्यवहार में किस तरह के बदलाव की उम्मीद करते हैं. हालाँकि माना जाता है कि ईरान बातचीत से पहले अपने परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगाने की शर्त हटाए जाने का इच्छुक है. इसी के साथ ईरान यह भी चाहता है कि इराक़ से अपने सैनिक निकालने के लिए अमरीका एक निश्चित कार्यक्रम तय करे. रिपोर्ट का स्वागत इस बीच, पूर्व राष्ट्रपति हाशमी रफ़संजानी ने इराक़ स्टडी ग्रुप की रिपोर्ट का स्वागत करते हुए उसे इराक़ संकट के समाधान की दिशा में एक गंभीर प्रयास बताया है. रफ़संजानी ने कहा कि रिपोर्ट में इस बात को स्वीकार किया गया है कि इराक़ संकट का कोई सैनिक समाधान नहीं है, सिर्फ़ इसका राजनीतिक हल ही हो सकता है. पूर्व राष्ट्रपति के अनुसार पश्चिमी देशों के लिए ग़ौर करने वाली बात ये होगी कि ईरान इराक़ में सहायता की क्या क़ीमत मांगता है. अमरीका को भी डर है कि सहायता के बदले ईरान परमाणु मसले पर रियायतों की माँग कर सकता है. हालाँकि, अमरीकी विदेश मंत्रि कोंडोलीज़ा राइस ने स्पष्ट किया है कि ईरान और सीरिया को अपने हित में अमरीका की सहायता करनी चाहिए, और उन्हें इराक़ को अस्थिर करने की प्रक्रिया पर रोक लगाने के लिए किसी मुआवज़े की उम्मीद नहीं करनी चाहिए. | इससे जुड़ी ख़बरें करबला में धमाका, पाँच लोगों की मौत09 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना इराक़ में 'अल क़ायदा चरमपंथी' मारे गए08 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना बुश ने कहा कि इराक़ नीति बदलेगी07 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना कोई जादुई फ़ॉर्मूला नहीं है: इराक़ रिपोर्ट 06 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना 'रिपोर्ट में इराक़ नीति में बदलाव का आग्रह'06 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना इराक़ रिपोर्ट को बहुत गंभीरता से लेंगे: बुश06 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना 'अमरीका इराक़ में नहीं जीत रहा'05 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना बग़दाद में हमले, 30 लोगों की मौत05 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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