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फ़िलीपींस में तूफ़ान के बाद 'राष्ट्रीय आपदा' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फ़िलीपींस की राष्ट्रपति ग्लोरिया अरोयो ने गुरुवार को देश में आए भयानक तूफ़ान के बाद 'राष्ट्रीय आपदा' की स्थिति घोषित कर दी है. भीषण तूफ़ान के कारण हुए भू-स्खलन में करीब एक हज़ार लोगों की मरने की आशंका है. इस तूफ़ान के कारण हुई तेज़ बारिश के चलते भारी मात्रा में बहकर आए कीचड़ और ज्वालामुखी की राख में कई गाँव दब गए थे. फ़िलीपींस में रेड क्रॉस के प्रमुख रिचर्ड गोर्डन ने तूफ़ान के कारण बुरी तरह प्रभावित क्षेत्र का हवाई दौरा किया. हवाई दौरे के बाद उन्होंने कहा कि तूफ़ान में कई गाँव तो पूरी तरह बह गए हैं. राहतकर्मी अभी भी कीचड़ में से शवों को बाहर निकाल रहे हैं और शवों को सामूहिक क़ब्रों में दफ़नाना भी शुरू कर दिया गया है. राहतकर्मियों के मुताबिक़ कई महत्वपूर्ण सड़कों पर टूटे हुए पेड़ और मलबे के कारण राहत कार्य धीमी गति से ही आगे बढ़ पा रहे हैं. राहत कार्यों में लगे सैनिकों को प्रभावित क्षेत्र तक पहुँचने के लिए घंटों चलना पड़ रहा है. रेड क्रॉस को अनुमान है कि इस तूफ़ान से क्षेत्र के क़रीब एक लाख चालीस हज़ार लोग प्रभावित हुए हैं. इस तूफ़ान के बाद बीमारियों के फैलने के डर से शवों को सामूहिक कब्रों में दफनाया जा रहा है. कीचड़ फ़िलीपींस में रेड क्रॉस के प्रमुख रिचर्ड गोर्डन ने कहा कि मरने वालों की संख्या 700 तक आसानी से पहुँच सकती है और संभव है कि ये संख्या 1000 को भी पार कर जाए. उन्होंने कहा, "वहाँ पर ऐसे शव मौजूद हैं जिनकी कोई पहचान नहीं हो सकी है और बड़ी संख्या में शव अभी भी कीचड़ में दबे हो सकते हैं." स्थानीय अधिकारी जीन विलारिएल ने ताया कि एहतियात के तौर पर कुछ शवों को सामूहिक क़ब्रों में दफ़नाया गया है. अधिकारियों के मुताबिक़ भू-स्खलन के कारण क़रीब 40,000 लोग बेघर हो गए हैं. करीब 100 खनिक प्रभाविक क्षेत्र में पहुँच चुके हैं और सेना के अधिकारियों ने शवों की तलाश के लिए खोजी कुत्ते भेजने की मांग की है. विदेशी सहायता इस तूफ़ान में बच गए लोगों को स्कूलों और चर्च में बनाए गए अस्थायी शिविरों में रखा गया है. आपात एजेंसियों ने कहा है कि बच गए लोगों के लिए स्वच्छ पानी, खाना और दवाइयों की सख़्त आवश्यकता है और साथ ही शवों के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले थैलों की ज़रूरत है. कनाडा ने राहत कार्यों में मदद करने के लिए आठ लाख डॉलर देने की वादा किया है. जापान ने कहा है कि वह राहत कार्यों के लिए एक लाख सत्तर हज़ार डॉलर से ज़्यादा की राशि देगा. एक नुकीले एशियाई फल के नाम पर इस तूफ़ान का नाम दूरियन रखा गया है. पिछले तीन महीने में | इससे जुड़ी ख़बरें फ़िलीपींस में भीषण तूफ़ान, 146 की मौत01 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना फिलीपींस में राष्ट्रपति ने इमरजेंसी लगाई24 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना लोगों को जिंदा बचाने की उम्मीद कम18 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना भूस्खलन में सैकड़ों के मरने की आशंका17 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना मनीला में भगदड़, 73 की मौत04 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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