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फ़िलीपींस में भीषण तूफ़ान, 146 की मौत | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रेड क्रॉस ने कहा है कि भीषण तूफ़ान के चलते हुए भूस्खलन के कारण फ़िलीपींस में 146 लोग मारे गए हैं. ड्यूरियन नाम के इस तफ़ान के कहर के चलते तेज़ बारिश हुई और पर्वतों से भारी मात्रा में कीचड़ और चट्टानें खिसक कर निचले हिस्सों इस कारण दो गाँव दब गए.ये दोनों गाँव दक्षिण-पूर्वी मनीला के मायकॉन ज्वालामुखी के निचले हिस्से में बसे हैं. पाँच अन्य गाँव भी इससे बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. इस हादसे में जीवित बचे लोगों की तलाश जारी है और मरने वालों की संख्या बढ़ भी सकती है. इसी वर्ष सितंबर में जैंगसेन नाम के तूफ़ान ने देश के उत्तरी और मध्य भाग में 200 लोगों की जानें ली थी. भू-स्खलन से सार्वाधिक प्रभावित एल्बे प्रांत के दारागा, बूसेय और सैंटो डोमिनिगो नाम के तीन गाँव बुरी तरह से इसके चपेट में आ गए हैं. यह क्षेत्र राजधानी मनीला से 350 किलोमीटर दूर लेगास्पी शहर के बिल्कुल नज़दीक स्थित है. राष्ट्रपति ग्लोरिया मैकपैगेल एर्रोयो ने सेना को डूबे हुए गाँवों में चिकित्सा दल भेजने का आदेश दिया है. फ़िलीपींस में हर साल करीब 20 तूफ़ान आते हैं. पिछले चार महीनों में वहाँ आना वाला ये चौथा तूफ़ान है. अवैध खनन के चलते तूफ़ान के बाद भूस्खलों की आशंका काफ़ी बढ़ जाती है. | इससे जुड़ी ख़बरें भूस्खलन में सैकड़ों के मरने की आशंका17 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना मनीला में भगदड़, 73 की मौत04 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना जापान में नाबी तूफ़ान, हज़ारों लोग भागे06 सितंबर, 2005 | पहला पन्ना दक्षिण कोरिया में तूफ़ान, 84 मरे14 सितंबर, 2003 | पहला पन्ना जापान में तूफ़ान ने मचाई तबाही 21 अक्तूबर, 2004 | पहला पन्ना फिलीपींस में तूफान से तबाही02 दिसंबर, 2004 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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