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फिलीपींस में राष्ट्रपति ने इमरजेंसी लगाई | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फिलीपींस की राष्ट्रपति ने देश में इमरजेंसी लागू कर दी है. इमरजेंसी के तहत सेना और पुलिस को नए अधिकार दिए गए हैं और देश में होने वाले कई राजनीतिक कार्यक्रमों पर रोक लगा दी गई है. इससे पहले फिलीपींस की सेना ने कहा था कि उसने राष्ट्रपति ग्लोरिया अरोयो की सरकार का तख़्ता पलट करने का प्रयास नाकाम कर दिया है. सेना का कहना है कि कुछ सैनिक अधिकारी राष्ट्रपति को हटाकर सैनिक शासन लागू करना चाहते थे. इन दिनों फिलीपींस में जनविद्रोह की 20वीं वर्षगाँठ मनाई जा रही है, 1986 में जनता ने राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस के ख़िलाफ़ विद्रोह करके उन्हें सत्ता से हटा दिया था. सेना ने एक बयान जारी किया है जिसमें कहा गया है कि सेना की विशेष यूनिट के तीन कमांडरों को उनके पद से हटा दिया गया है और उनकी साज़िश की जाँच की जा रही है. पुलिस ने जनविद्रोह की वर्षगाँठ के सिलसिले में आयोजित होने वाली कई रैलियों को रद्द कर दिया है और स्कूल बंद कर दिए गए हैं. देश में सेना ने सुरक्षा व्यवस्था सख़्त कर दी है और राष्ट्रपति की भी निजी सुरक्षा को भी पुख़्ता किया गया है. पिछले कुछ सप्ताह से देश में अफ़वाहों का बाज़ार गर्म था कि जनविद्रोह की वर्षगाँठ के मौक़े पर राष्ट्रपति अरोयो का तख़्ता पलट करने की कोशिश हो सकती है. राष्ट्रपति अरोयो को पिछले कुछ महीनों में काफ़ी आलोचना का सामना करना पड़ा है, उनके ऊपर चुनाव में धाँधली करने और भ्रष्टाचार के भी आरोप लगे हैं. फिलीपींस में तख़्तापलट की अफ़वाहें आम हैं और वहाँ पिछले 20 वर्षों में तख़्ता पलटने के लगभग 12 प्रयास हो चुके हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें फिलीपींस में तनाव के बीच मतदान शुरू10 मई, 2004 | पहला पन्ना पुलिस कार्रवाई में 16 क़ैदी मरे15 मार्च, 2005 | पहला पन्ना फ़िलीपीन्स के सैनिक इराक़ से वापस12 जुलाई, 2004 | पहला पन्ना अमरीकी सैनिक फिलीपींस में21 फ़रवरी, 2003 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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