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सोमवार, 27 नवंबर, 2006 को 18:42 GMT तक के समाचार
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बर्मा ने रेड क्रॉस के दफ़्तर 'बंद' किए
रेड क्रॉस
रेड क्रॉस ने इस फ़ैसले की आलोचना की है
अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस समिति ने कहा है कि बर्मा की सरकार ने उसे अपने सभी कार्यालयों को बंद करने का आदेश दिया है.

जिनेवा स्थित अपने मुख्यालय से जारी एक बयान में रेड क्रॉस ने कहा है कि उसे बर्मा सरकार के इस फ़ैसले पर खेद है क्योंकि इससे बर्मा में चल रहा संस्था का मानवीय कार्य रुक गया है.

इस बयान में कहा गया है कि इस आदेश से बर्मा के सबसे कमज़ोर लोगों के भले के लिए चलाया जा रहा अभियान अब अधर में पड़ गया है.

समिति ने कहा कि उसने बर्मा सरकार के साथ सकारात्मक संवाद स्थापित करने की कोशिश की है.

लेकिन बर्मा में मानवीय कार्य जारी रखने की अनुमति देने के लिए संस्था की सभी कोशिशें विफल रही हैं.

दुखद

बर्मा सरकार ने दिसंबर 2005 के बाद से रेड क्रॉस को जेलों का दौरा करने की इजाज़त नहीं दी है.

अब बर्मा सरकार ने रेड क्रॉस समिति के पाँच क्षेत्रीय कार्यालयों को बंद करने का आदेश दिया है.

समिति ने कहा है कि उन्हें सरकार के इस फ़ैसले पर अत्यंत खेद है क्योंकि अब संस्था के लिए ज़रूरतमंद लोगों की मदद और उनकी सुरक्षा के लिए काम करना संभव नहीं होगा.

कार्यालयों के बंद होने का अर्थ है कि संस्था अब केवल विकलांग लोगों के पुनर्वास से जुड़ी कुछ योजनाओं पर ही काम कर पाएगी.

रेड क्रॉस ने कहा कि वह संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में रह रहे नागरिकों और राजनीतिक बंदियों को लेकर चिंतित है. संयुक्त राष्ट्र का अंदाज़ा है कि बर्मा में एक हज़ार से ज़्यादा राजनीतिक बंदी हैं.

इन बंदियों में लोकतांत्रिक आंदोलन की नेता आंग सान सू ची भी शामिल है जो एक दशक से ज़्यादा समय से घर में नज़रबंद हैं.

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