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सू ची की हिरासत अवधि 'बढ़ाई गई' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बर्मा की लोकतंत्रवादी नेता आंग सान सू ची की हिरासत अवधि एक और साल के लिए बढ़ाए जाने की ख़बर है. बर्मा की सैनिक सरकार के सूत्रों ने यह जानकारी दी है. सू ची की पार्टी नेशनल लीग फ़ॉर डेमोक्रेसी के प्रवक्ता ने अभी इस रिपोर्ट की पुष्टि नहीं की है. वर्ष 1991 में नोबेल शांति पुरस्कार पा चुकी सू ची रंगून स्थित अपने घर में नज़रबंद रखी गई हैं. रिपोर्टों के अनुसार अधिकारियों ने सू ची के घर जाकर उन्हें हिरासत अवधि बढाए जाने की जानकारी दे दी है. सू ची 60 साल की हैं और पिछले 15 वर्षों के दौरान उन्होंने दो तिहाई वक़्त हिरासत में ही गुजारा है. ब्रिटेन से बर्मा लौटने के बाद वह जेल में या घर में ही नज़रबंदी की स्थिति में 10 साल गुजार चुकी हैं. पिछली बार उन्हें मई 2003 में नज़रबंद किया गया था. पिछले साल नवंबर में भी उनकी हिरासत की अवधि साल भर के लिए बढ़ाई गई है. बैंकाक से बीबीसी संवाददाता कैली मॉरिस के अनुसार लगता नहीं कि बर्मा की सैनिक सरकार को अलग-थलग कर के रखने की अमरीका और ब्रिटेन की नीति का कोई असर पड़ रहा है. इसी तरह बर्मा के पड़ोसी देशों की बातचीत की नीति भी सैनिक शासकों को देश में लोकतांत्रिक सुधारों के लिए प्रेरित नहीं कर पाई है. | इससे जुड़ी ख़बरें लोकतंत्रवादी नेता सू ची 60 की हुईं19 जून, 2005 | पहला पन्ना सू ची के लिए अन्नान का आग्रह23 अप्रैल, 2005 | पहला पन्ना बर्मा में आलोचना के बावजूद सम्मेलन17 फ़रवरी, 2005 | पहला पन्ना सू ची को नज़रबंद रखने की अवधि बढ़ी29 नवंबर, 2004 | भारत और पड़ोस इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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