|
लोकतंत्रवादी नेता सू ची 60 की हुईं | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बर्मा की लोकतंत्र समर्थक नेता आंग सान सू ची के समर्थकों ने रविवार को उनका 60वाँ जन्मदिन मनाया. इस अवसर पर उन्हें रिहा किए जाने की माँग तेज़ हुई है. किसी को पता नहीं कि अपनी 60 वीं सालगिरह आंग सान सू ची कैसे मनाना चाहती थीं. केवल यह मालूम है कि उन्होंने यह दिन कहाँ बिताया. बर्मा में अपने पुश्तैनी घर में नज़रबंद रहते हुए. बाहरी दुनिया से उनका संबध केवल शॉर्टवेव रेडियो के माध्यम से ही है. वहाँ घर का काम करने वाली दो औरतों और पंद्रह दिन में एक बार डॉक्टर के अलावा कोई नहीं जा सकता है. हालाँकि रंगून में सू ची की पार्टी के दफ़्तर में रंगीन गुब्बारों और सफ़ेद कबूतरों को उड़ाया गया. मुख्य अतिथि इस समारोह में नहीं आ सकती थीं. क्योंकि कुछ मील दूर अपने घर से वे लगभग दो साल से निकली नहीं है. देश के सैन्य सरकार ने उनपर कड़ी पांबदी लगाई हुई हैं. उनके जन्मदिन के अवसर पर पश्चिमी राजदूत ज़रूर मौजूद थे. जॉर्ज बुश, टोनी ब्लेयर जैसे नेताओं ने आंग सान सू ची के समर्थन के संदेश भेजे हैं और बर्मा में प्रजातंत्र लाने के उनके प्रयासों की सराहना की है. इस प्रयास में सू ची ने पिछले 16 में से नौ साल बंधक के रूप में ग़ुज़ारे हैं. और अब भी ऐसे कोई संकेत नहीं है कि उन्हें जल्द ही छोड़ा जाएगा क्योंकि उनकी लोकप्रियता को बर्मा के सैन्य जनरल अब भी बड़ा ख़तरा मानते हैं. |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||