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'बर्मा राजनीतिक क़ैदियों को छोड़े' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के गुट आसियान का शिखर सम्मेलन मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में सोमवार को शुरु हुआ जिसमें नेताओं ने बर्मा से कहा है कि वो सभी राजनीतिक क़ैदियों को रिहा करे. बर्मा में करीब 1100 राजनीतिक क़ैदी हैं जिसमें लोकतंत्र समर्थक नेता आंग सांग सू ची भी शामिल हैं. सू ची दो सालों से भी ज़्यादा समय से नज़रबंद हैं. हालाँकि आसियान नेताओं के बयान में सू ची का नाम नहीं लिया गया है. आसियान के अध्यक्ष अब्दुल्ला अहमद ने कहा है कि बर्मा की सैनिक सरकार इस बात पर सहमत हो गई है लोकतांत्रिक सुधारों का जायज़ा लेने के लिए मलेशिया के विदेश मंत्री बर्मा जाएँ. संवाददाताओं का कहना है कि इस बयान से, बर्मा में लोकतांत्रिक सुधारों की कमी पर आसियान देशों की नाराज़गी साफ़ झलक रही है. बर्मा आसियान का सदस्य है. इस सम्मेलन में आसियान चार्टर पर अमल करने पर भी सहमति बनी है. चार्टर में लोकतंत्र को बढ़ावा देने और सुशासन के मुद्दे पर ज़ोर दिया जाएगा. सदस्य देश व्यापारिक संबंध बढ़ाने और आर्थिक एकीकरण के मुद्दे पर भी चर्चा कर रहे हैं. भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी चार दिन के दौरे पर मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में हैं. मनमोहन सिंह भारत-आसियान शिखर सम्मेलन और पूर्व एशिया शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. पूर्व एशिया सम्मेलन बुधवार को होगा जिसमें आसियान देशों के अलावा भारत, चीन, दक्षिण कोरिया, जापान, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड शामिल हो रहे हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें 'चीन सबसे बड़ा निर्यातक बन सकता है'16 सितंबर, 2005 | कारोबार आसियान देश मुक्त व्यापार पर आगे बढ़े29 नवंबर, 2004 | कारोबार भारत-आसियान में नज़दीकी08 अक्तूबर, 2003 | पहला पन्ना सुरक्षा और व्यापार पर समझौते08 अक्तूबर, 2003 | पहला पन्ना आसियान में साझा बाज़ार बनाने पर सहमति07 अक्तूबर, 2003 को | पहला पन्ना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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