|
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
आसियान में साझा बाज़ार बनाने पर सहमति
दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों के संगठन आसियान के नेताओं ने सन 2020 तक साझा बाज़ार बनाने के लिए एक साझा घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए हैं. साथ ही नेताओं में इस क्षेत्र में आतंकवाद से मुक़ाबला करने पर भी सहमति हुई है.
इंडोनेशिया के बाली द्वीप में हो रहे इस सम्मेलन में दस देशों ने साझा बाज़ार बनाने संबंधी घोषणा पर हस्ताक्षर किए हैं. इंडोनेशिया की राष्ट्रपति मेगावती सुकर्णोपुत्री ने इसे आसियान देशों के इतिहास में महत्वपूर्ण घटना बताया है. उनका कहना था कि इससे इस क्षेत्र की आगे आने वाली पीढ़ियों के लिए संपन्नता सुनिश्चित हो सकेगी. ये बैठक व्यापक सुरक्षा के बीच हो रही है. पिछले साल अक्तूबर में बाली में भीषण विस्फोट हुए थे और 200 से अधिक लोग मारे गए थे. इंडोनेशिया को उम्मीद है कि उसके सुझाव पर आसियान सुरक्षा समुदाय का गठन हो सकता है. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि आसियान देश बर्मा की घरेलू मुश्किलों के कारण बैठक की कार्यसूची में बाधा पड़ सकती है. प्रधानमंत्री वाजपेयी भारतीय प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी ने आसियान सम्मेलन में भारत को प्रमुख निवेश का केंद्र बताया.
प्रधानमंत्री वाजपेयी ने उम्मीद जताई कि आसियान देशों के भारत के साथ संबंध और मज़बूत होंगे. वाजपेयी के साथ भारतीय विदेश मंत्री यशवंत सिन्हा और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ब्रजेश मिश्र भी गए हुए हैं. प्रधानमंत्री के साथ इस यात्रा पर गए वरिष्ठ पत्रकार अमित बरुआ ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि आर्थिक मंदी के दौर से गुज़रने के बाद आसियान देश दुनिया को बताना चाहते हैं कि उनके बाज़ार की दशा बेहतर हुई है. उनका कहना था कि साथ ही भारत बताने जा रहा है कि वह दक्षिण एशिया में प्रमुख आर्थिक शक्ति बनकर उभरा है. |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||