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सू ची से मिले संयुक्त राष्ट्र अधिकारी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र के एक वरिष्ठ अधिकारी इब्राहिम गम्बारी ने बर्मा की विपक्षी नेता आंग सान सू ची से मुलाक़ात की है. सू ची अभी भी नज़रबंद हैं. गम्बारी ने रंगून में सू ची से मुलाक़ात की. दोनों के बीच क़रीब एक घंटे तक बातचीत हुई. लेकिन बातचीत के बारे में कोई ब्यौरा नहीं मिल पाया है. संयुक्त राष्ट्र अधिकारी गम्बारी ने पहले बर्मा के सैनिक शासक जनरल थान श्वे से मुलाक़ात की थी. अमरीका का कहना है कि वह बर्मा में होने वाले मानवाधिकार हनन और लोकतांत्रिक सुधारों की कमी को लेकर सुरक्षा परिषद में एक प्रस्ताव रखने की योजना बना रहा है. बर्मा के सैनिक शासन पर दबाव है कि वह लोकतांत्रिक सुधार करे. बर्मा ने इस मुद्दे पर सहयोग करने का हल्का संकेत भी दिया है. महत्व इस कारण इब्राहिम गम्बारी की बातचीत को काफ़ी महत्व दिया जा रहा है. गम्बारी ने इस साल मई में बर्मा की यात्रा की थी. उस दौरान भी उन्हें सू ची से मिलने का मौक़ा दिया गया था. उस समय दो साल बाद किसी विदेशी को सू ची से मिलने दिया गया था. गम्बारी की यात्रा से यह उम्मीद भी बढ़ी थी कि शायद सू ची की रिहाई का रास्ता साफ़ हो जाएगा. लेकिन गम्बारी के लौटते ही ये उम्मीद जाती रही. सितंबर में सुरक्षा परिषद ने बर्मा के मुद्दे पर बहस भी की थी. बीबीसी के एक संवाददाता का कहना है कि गम्बारी को दूसरी बार बर्मा आने का मौक़ा देकर बर्मा के सैनिक शासक ये भी संकेत दे रहे हैं कि वे कुछ पहल कर सकते हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें सुरक्षा परिषद में पहली बार बर्मा पर चर्चा29 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना आंग सान सू ची की हिरासत बढ़ाई 27 मई, 2006 | पहला पन्ना संयुक्त राष्ट्र में बर्मा के मुद्दे पर चर्चा होगी02 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना सू ची की हिरासत अवधि 'बढ़ाई गई'27 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना बुश का बर्मा पर दबाव का आहवान18 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना लोकतंत्रवादी नेता सू ची 60 की हुईं19 जून, 2005 | पहला पन्ना एमनेस्टी की वार्षिक रिपोर्ट 25 मई, 2005 | पहला पन्ना सू ची के लिए अन्नान का आग्रह23 अप्रैल, 2005 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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