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'सीआईए को अमरीकी दावों पर संदेह' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका के खोजी पत्रकार सेमॉर हर्श ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम और उस बारे में अमरीकी सरकार के दावों पर सवाल उठाए हैं. हर्श के अनुसार अमरीकी गुप्तचर एजेंसी सीआईए की एक रिपोर्ट में सरकार के उन दावों पर संदेह ज़ाहिर किया गया है जिनके अनुसार ईरान गुप्त तौर पर परमाणु हथियार बना रहा है. अमरीकी पत्रिका न्यूयॉर्कर में हर्श ने लिखा है कि ऐसा सीआईए की एक सर्वाधिक ख़ुफ़िया रिपोर्ट में कहा गया है. उन्होंने न्यूयॉर्कर में लिखा है कि उन्हें बताया गया कि सीआईए रिपोर्ट इस नतीजे पर पहुँची है कि ऐसा कहने के लिए कोई निर्णायक सबूत नहीं हैं कि ईरान परमाणु मामले में अपने घोषित उद्देश्यों से आगे बढ़ रहा है. ईरान बार-बार कहता आया है कि उसका परमाणु कार्यक्रम केवल शांतिपूर्ण मकसदों के लिए है, परमाणु हथियार बनाने के लिए नहीं और ऐसा करने का उसे पूरा अधिकार है. उधर अमरीका ने बार-बार आरोप लगाया है कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम परमाणु हथियार बनाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है. हर्श के अनुसार बुश प्रशासन और अमरीका की सैन्य गुप्तचर सेवा ने सीआईए के लगाए अनुमानों को ख़ारिज कर दिया है. पर्यवेक्षकों का कहना है कि ये आरोप वैसे ही हैं जैस इराक़ युद्ध से पहले सामने आए थे जिनमें तब सत्ता पर काबिज़ सद्दाम हुसैन सरकार के पास परमाणु हथियार होने की बात कही गई थी. | इससे जुड़ी ख़बरें बुश की ईरान और सीरिया की चेतावनी16 दिसंबर, 2004 | पहला पन्ना ईरानी परमाणु कार्यक्रम रोकने का स्वागत29 नवंबर, 2004 | पहला पन्ना परमाणु संवर्धन रोक रहे हैं : ईरान22 नवंबर, 2004 | पहला पन्ना ईरान यूरेनियम संवर्धन रोकने को राज़ी14 नवंबर, 2004 | पहला पन्ना 'उत्तर कोरिया रोड़े अटका रहा है'02 नवंबर, 2004 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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