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बुश की ईरान और सीरिया की चेतावनी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने ईरान और सीरिया को चेतावनी दी है कि वे इराक़ में अगले महीने होने वाले चुनावों से पहले वहाँ के मामलों में दख़ल न दें. राष्ट्रपति बुश ने कहा कि वे चाहते हैं कि ईरान और सीरिया समेत इराक़ के सभी पड़ोसी देश इराक़ में 'आतंकवादियों' की मदद करने के मकसद से इराक़ में पैसा और लोगों को भेजना बंद करें. उधर संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि उसकी इराक़ में चुनाव से पहले वहाँ अपनी मौजूदगी बढ़ाने की योजना है. लेकिन उसने फ़िलहाल अतिरिक्त चुनाव विशेषज्ञ अपलब्ध करवाने पर सहमति नहीं जताई है. अमरीकी और इराक़ी अधिकारियों ने चुनाव प्रक्रिया में मदद के लिए संयुक्त राष्ट्र के कर्मचारियों की संख्या बढ़ाए जाने की माँग की थी.
संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा कदमों पर विचार हो रहा है जैसे कि फ़ीजि से और सैनिक इराक़ में तैनात करना. 'झगड़ा कराने के लिए धमाका' दूसरी ओर राष्ट्रपति बुश का ईरान और सीरिया को चेतावनी देने वाला बयान तब आया है जब शिया मुसलमानों के शहर करबला में एक बम धमाके में कम से कम सात लोग मारे गए हैं. अधिकारियों का कहना था कि इराक़ में चुनाव प्रचार शुरु होने के पहले ही दिन हुए इस हमले का मकसद विभिन्न समुदायों के बीच झगड़ा करवाना था. इससे पहले इराक़ में एक अमरीकी कमांडर ने माना था कि वहाँ विद्रोहियों के सड़कों पर बम फेंकने की घटनाओं के बढ़ जाने से अमरीकी सैनिक अभियान धीमा पड़ा है. इसी कारण से माल पहुँचाने के लिए विमानों का ज़्यादा इस्तेमाल हो रहा है. |
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