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'इराक़ में डेढ़ लाख सैनिक तैनात होंगे' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में जनवरी में होने वाले चुनाव से पहले अमरीका वहाँ अतिरिक्त सैनिक भेज रहा है जिससे वहाँ तैनात उसके सैनिकों की संख्या एक लाख पचास हज़ार हो जाएगी. बारह हज़ार सैनिक भेजने की योजना है और इराक़ युद्ध से लेकर अब तक वहाँ तैनात सैनिकों की ये सबसे बड़ी संख्या होगी. बीबीसी संवाददाता निक चाइलड्स का कहना है कि फ़ूलजा में की गई कार्रवाई के बाद अमरीकी सैनिकों को चैन से बैठने का मौका नहीं मिला है. उनके अनुसार अमरीका को शक़ है कि जनवरी में होने वाले चुनावों से कुछ हफ़्ते पहले इराक़ में हिंसक गतिविधियाँ बढ़ सकती हैं. 'विद्रोहियों पर दबाव' निक चाइलड्स के अनुसार इस कदम से पता चलता है कि अमरीका इराक़ की सुरक्षा स्थिति को लेकर कितना चिंतित है. अमरीकी सेना के ब्रिगेडियर जनरल डेविड रौडरीग्ज़ का कहना है, "इसका मकसद तो चुनावों के दौरान सुरक्षा प्रदान करना है लेकिन इसका लक्ष्य फ़लूजा की कार्रवाई के बाद विद्रोहियों पर दबाव बनाए रखना भी है." इराक़ में तैनात कई अमरीकी सैनिक दस्तों का कार्यकाल 12 से 14 महीने बढ़ा दिया गया है. निक चाइलड्स का कहना है कि अमरीकी सैनिक मुख्यालय के 12 महीने तक के लिए ही सैनिक तैनात करने की पहले की गई बात के बाद सैनिकों के वहाँ रहने का समय बढ़ा देने से शिकायतें बढ़ सकती हैं. इराक़ में तैनात किए जाने वाले सैनिकों की संख्या इराक़ युद्ध के समय से भी ज़्यादा होगी. इससे पहले इराक़ में सर्वाधिक अमरीकी सैनिक एक मई 2003 तक तैनात थे जब इनकी संख्या एक लाख 48 हज़ार थी और राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने वहाँ बड़ी सैनिक कार्रवाई ख़त्म करने की घोषणा की थी. |
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