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मुस्लिम विद्वान की गिरफ़्तारी का वारंट | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ी सरकार ने जातिवादी हिंसा भड़काने के आरोपों के बाद देश के प्रमुख विद्वानों में से एक हरिथ अल-धारी की गिरफ़्तारी के लिए वारंट जारी किए हैं. धारी सुन्नी समुदाय से ताल्लुक रखते हैं और मुस्लिम विद्वानों के प्रभावशाली संगठन के सदस्य हैं. वे शियाओं के दबदबे वाली इराक़ सरकार और इराक़ में अमरीकी सेना की मौजूदगी की खुली निंदा करते रहे हैं. अल-धारी ने सरकार के उस फ़ैसले का भी विरोध किया था, जिसमें कहा गया था कि सरकार चरमपंथ छोड़ देने वाले लोगों के साथ नरमी से पेश आएगी. उनके इस बयान के लिए प्रधानमंत्री नूरी अल-मलिकी ने उनकी सार्वजनिक रुप से निंदा की थी. प्रधानमंत्री के इस बयान के दो दिन बाद ही आतंरिक सुरक्षा मंत्रालय की ओर से अल-धारी पर जातीय हिंसा और चरमपंथ भड़काने के आरोप लगाए हैं. अल-धारी अक्सर इराक़ से बाहर पड़ोसी सुन्नी देशों की यात्राएँ करते रहते हैं और अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वह इस समय इराक़ में हैं या नहीं. | इससे जुड़ी ख़बरें 'इराक़ मसले पर ईरान से बातचीत संभव'16 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना हत्या के लिए सैनिक को जेल16 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना इराक़ी मंत्री ने विरोध में इस्तीफ़ा दिया16 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना बग़दाद में आत्मघाती हमला, 10 की मौत13 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना बग़दाद में बसों पर हमला, 12 मरे12 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना 'इराक़ युद्ध के कारण डेढ़ लाख की मौत'10 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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