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'इराक़ मसले पर ईरान से बातचीत संभव' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
एक अमरीकी अधिकारी ने बताया है कि इराक़ में शांति बहाली के मसले पर अमरीका ईरान के साथ बातचीत कर सकता है. राज्य विभाग के अधिकारी डेविड सैटरफ़ील्ड ने सीनेट समिति के सामने इससे संबंधित साक्ष्य रखते हुए कहा कि इस बातचीत का समय निर्धारित करने के लिए अभी भी समीक्षा की जा रही है. अमरीका की ओर से इन संकेतों को अमरीका की नीतियों में लचीलेपन के तौर पर देखा जा रहा है. वाशिंगटन से बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अमरीका का तेहरान से बातचीत के लिए तैयार होना मध्यावधि चुनावों के बाद से अमरीकी प्रशासन के लचीलेपन का एक बड़ा संकेत है. उधर संयुक्त राष्ट्र ने एक बार फिर कहा है कि ईरान को संयुक्त राष्ट्र की बात न मानने के लिए आर्थिक प्रतिबंध भुगतने चाहिए. संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि अब यह ज़रूरी हो गया है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को न रोकने की कीमत चुकाए. संयुक्त राष्ट्र के सुरक्षा सलाहकार सेटीफ़न हैडली ने कहा है कि उन्हें विश्वास है कि ईरान पर प्रस्तावित प्रतिबंधों के मसौदे पर सहमति बन सकेगी. इससे पहले पिछले सप्ताह ही ईरान पर कार्रवाई के यूरोपीय देशों के प्रस्तावों को रूस ने मानने से इनकार कर दिया था. ग़ौरतलब है ईरान ऐसे सभी आरोपों से साफ़ इनकार करता रहा है कि वो परमाणु हथियार बनाने की तकनीक विकसित कर रहा है. ईरान का कहना है कि वो परमाणु हथियार नहीं बल्कि शांतिपूर्ण कामों के लिए परमाणु ऊर्जा विकसित कर रहा है और ऐसा करना उसका अधिकार है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'ईरान, सीरिया उल्लंघन कर रहे हैं'15 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना ईरान को भी शामिल किया जाए: ब्लेयर13 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना 'अमरीका अन्य देशों को दोष देना बंद करे'02 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना 'लेबनान में तख़्ता पलटने की साजिश'01 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना 'अंतरराष्ट्रीय समुदाय प्रयास तेज़ करे' 27 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना ईरान ने 'परमाणु कार्यक्रम' तेज़ किया27 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना बहुमत ईरान पर सैन्य कार्रवाई के ख़िलाफ़21 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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