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इराक़ नीति में बदलाव के संकेत | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश और डेमोक्रेटिक पार्टी के बीच बातचीत जारी है. इस बीच इराक़ नीति में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं. उधर अमरीकी सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया है कि सेना के कुछ अधिकारी देश की इराक़ नीति में संभावित बदलावों को सुझाने के लिए काम कर रहे हैं. अमरीकी सेना के ज्वाइंट चीफ़्स ऑफ़ स्टाफ़ के प्रमुख जनरल पीटर पेस ने बताया कि इस बारे में सेना के कमांडर आपस में विचार-विमर्श कर रहे हैं और वो ऐसे बदलाव कर सकते हैं जिन्हें वो ज़रूरी समझते हैं. उन्होंने बताया कि अमरीकी सेना अधिकारी इस बात की गंभीरता से पड़ताल कर रहे हैं कि इराक़ में वो क्या नीति अपना रहे हैं. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि रक्षामंत्री रम्सफ़ेल्ड के जाने से कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा. व्हाइट हाउस के हवाले से बताया गया है कि सोमवार को राष्ट्रपति बुश इराक़ पर गठित अध्ययन आयोग के सदस्यों से मुलाकात भी करेंगे. यह आयोग कुछ मसौदे तैयार करने का काम कर रहा है जिनपर अमल करके इराक़ में उपजे संकट को ख़त्म किया जा सकता है. पलटी बाज़ी ऐसा माना जा रहा है कि अमरीकी जनता में इराक़ युद्ध का विरोध मध्यावधि चुनावों में राष्ट्रपति बुश की रिपब्लिकन पार्टी की हार का मुख्य कारण रहा. व्हाइट हाउस की ओर से कहा गया है कि इस मसले पर खुलकर विचार किया जा रहा है और नए विचारों के लिए विकल्प खुले रखे गए हैं. संवाददाताओं का कहना है कि अगर इराक़ पर अमरीकी नीति में जल्द ही कोई बड़ा बदलाव देखने को मिले तो इसपर आश्चर्य नहीं होना चाहिए. इन चुनावों में विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ने 12 वर्षों के अंतराल के बाद अमरीकी संसद के दोनों सदनों में बहुमत हासिल कर लिया. अमरीकी जनरल पीटर पेस ने भी इराक़ नीति में बदलाव का संकेत दिया है. उन्होंने एक टेलीविज़न इंटरव्यू में कहा कि सेना के वरिष्ठ कमांडर इस बात पर विचार कर रहे हैं कि इराक़ में अमरीका का क्या लक्ष्य होना चाहिए और जिस तरह की ज़रूरत महसूस होगी वैसे बदलाव किए जाएँगे. संकेत
चुनाव परिणामों के सामने आते ही बुश ने कहा था कि इराक़ नीति में बदलाव की गुंजाइश है. जानकारों का मानना है कि डेमोक्रैट की मध्यावधि चुनावों में सफलता को देखते हुए अब बुश के लिए उन्हें साथ लेकर चलना और संयुक्त रूप से रणनीति बनाना ज़रूरी हो गया है. चुनाव परिणामों का असर बुश प्रशासन पर भी देखने को मिल रहा है. पिछले कई महीनों से इराक़ में कुप्रबंधन का आरोप झेल रहे रक्षा मंत्री डॉनल्ड रम्सफ़ेल्ड ने भी अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया. बुश का कहना था कि चुनावों में इराक़ का मुद्दा मतदाताओं के लिए एक बड़ा मुद्दा था और इसीलिए ये एक कारण था कि उन्होंने डॉनल्ड रम्सफ़ेल्ड को रक्षा मंत्री के पद से हटाने का फ़ैसला किया है. ग़ौरतलब है कि रम्सफ़ेल्ड की जगह राष्ट्रपति बुश ने अमरीकी गुप्तचर एजेंसी सीआईए के पूर्व अध्यक्ष रॉबर्ट गेट्स को नया रक्षा मंत्री नियुक्त किया है. | इससे जुड़ी ख़बरें गेट्स का ज़्यादा समय सीआईए में बीता09 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना सीनेट में भी डेमोक्रेटिक पार्टी को बढ़त09 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना रम्सफ़ेल्ड की विदाई का असर09 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना सीनेट में भी डेमोक्रैट का नियंत्रण09 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना डेमोक्रेट खेमे में जश्न का माहौल08 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना रम्सफ़ेल्ड को हटाने की घोषणा08 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना चुनाव प्रचार के अंत में बुश की अपील07 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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