BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
शनिवार, 14 अक्तूबर, 2006 को 14:23 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
ग्वांतानामो में 'पिटाई' के आरोपों की जाँच
ग्वांतानामो बे के बंदीगृह में क़ैदी
ग्वांतानामो बे के बंदीगृह में क़ैदियों को यातना दिए जाने के आरोप पहले भी लगाए गए हैं
अमरीकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने क्यूबा में नौसैनिक अड्डे ग्वांतनामो बे में गार्डों के हाथों बंदियों की पिटाई के आरोप सामने आने के बाद इस मामले की जाँच के आदेश दिए हैं.

एक अमरीकी मरीन सार्जेंट ने हाल ही में ग्वांतनामो बे शिविर का दौरा किया था और कहा था कि वह समझती हैं कि शिविर में बंदियों की पिटाई एक आम बात हो गई है.

सार्जेंट ने शपथ-पत्र के साथ जो बयान दिया है उसमें उन्होंने एक गार्ड से की गई उस बातचीत का हवाला दिया गया है जिसमें उस गार्ड ने एक बंदी का सिर पकड़कर उसे एक दरवाज़े से टकराने की बात कही थी.

अमरीकी मरीन सार्जेंट हीदर सरवेनी एक सैनिक वकील के सहायक के तौर पर तीन सप्ताह पहले ग्वांतनामो बे शिविर गई थीं.

उनका कहना है कि वहाँ उन्हें पाँच नौसैनिक गार्डों ने विस्तार से बताया कि वे किस तरह बंदियों की पिटाई करते हैं.

हीदर ने शपथ-पत्र में कहा, "एक नाविक ने ख़ासतौर से कहा - मैं बंदी को सिर से पकड़ता हूँ और उसका सिर कोठरी के दरवाज़े से टकराता हूँ."

सार्जेंट हीदर सरवेनी ने यह मामला सेना के इंस्पैक्टर जनरल को रिपोर्ट किया है जो इस मामले में एक औपचारिक जाँच बिठाने पर विचार कर रहे हैं.

वाशिंगटन में बीबीसी संवाददाता जेम्स वेस्टहैड का कहना है कि ये आरोप काफ़ी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि वे अमरीकी सेना के एक सेवारत सैनिक की तरफ़ से लगाए गए हैं.

पेंटागन के इंस्पेक्टर जनरल ने कहा कि अमरीकी सेना की दक्षिणी कमान को इस मामले की जाँच के आदेश दिए गए हैं. ग्वांतनामो बे शिविर इसी कमान के दायरे में आता है.

इस बीच अमरीका ने इस बीच ब्रितानी विदेश मंत्री मार्ग्रेट बैकेट के इस आहवान को ख़ारिज कर दिया कि अमरीका को ग्वांतनामो बे में अपने बंदी शिविर को बंद कर दे.

बैकेट ने शुक्रवार को कहा था कि अमरीकी बंदी शिविर ने सुरक्षा को और बढ़ाने के बजाय चरमपंथियों को और ज़्यादा कट्टर बनाने में ज़्यादा मदद की है.

मार्ग्रेट बैकेट ने कहा, "लोगों को बिना मुक़दमा चलाए ही बंदी बनाकर रखना मानवीय आधार पर स्वीकार नहीं किया जा सकता, इतना ही नहीं यह आतंकवाद विरोधी उपायों में भी असरदार साबित नहीं हुआ है."

ब्रिटेन की विदेश मंत्री मार्गेरेट बैकेट ने कहा कि यह शिविर मानव अधिकार के मामले में अस्वीकार्य है और आतंकवाद के ख़िलाफ़ असरदार लड़ाई में इससे कोई मदद नहीं मिली है.

इससे जुड़ी ख़बरें
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>