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अब ख़तरा सांप्रदायिक हिंसा से है: राइस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने इराक़ी राजनीतिक नेताओं से अनुरोध किया है कि वे वहाँ बढ़ रही सांप्रदायिक हिंसा को जल्द से जल्द ख़त्म करने के लिए कदम उठाएँ. अमरीकी सेना के एक प्रवक्ता के अनुसार वर्ष 2003 के बाद इराक़ में हर दिन हो रहे कार बम धमाके और अन्य विस्फोट इस समय चरम पर हैं. इराक़ की राजधानी बग़दाद पहुँची कोंडोलीज़ा राइस ने प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी समेत वरिष्ठ सुन्नी, शिया और कुर्द नेताओं से बातचीत की है. उन्होंने इराक़ी नेताओं से अनुरोध किया कि वे मैत्रीपूर्ण माहौल कायम करने और हिंसक गतिविधियों के लिए ज़िम्मेदार लड़ाकों को निशस्त्र करने के लिए मिलकर काम करें. उनका कहना है कि अल क़ायदा और विद्रोह समेत जिन ख़तरों का इराक़ आज सामना कर रहा है उनमें से रणनीतिक दृष्टि से सबसे ज़्यादा ख़तरा अब सांप्रदायिक हिंसा से है. उनका कहना था कि यदि इराक़ियों को अंतरराष्ट्रीय समुदाय का समर्थन चाहिए तो उन्हें हिंसा को रोकने के लिए कदम उठाने होंगे. उनका कहना था कि इराक़ी प्रधानमंत्री ने बहुत सकारात्मक कदम उठाए हैं जिनमें उन सैकड़ों पुलिसकर्मियों को निलंबित करना शामिल है जिन पर हिंसा गतिविधियों से संबंधित लोगों के साथ मिलकर काम करने का शक है. | इससे जुड़ी ख़बरें इराक़ में हिंसा रोकने की नई पहल03 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना बुश झूठे और विफल - ज़वाहिरी30 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना हमले का ख़तरा बरकरार - रिपोर्ट27 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना इराक़ युद्ध से आतंकवाद बढ़ा:रिपोर्ट26 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना मलिकी की मतभेद भुलाने की अपील24 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना 'इराक़ युद्ध से बढ़ा आतंकवाद का खतरा'24 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना इराक़ में हालात सद्दाम के बाद 'बदतर'21 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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