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जज ने कहा, सद्दाम तानाशाह नहीं | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराकी नेता सद्दाम हुसैन के मुकदमें की सुनवाई करने वाले प्रमुख जज ने कहा है कि सद्दाम हुसैन तानाशाह नहीं है लेकिन उनके आसपास के लोगों ने उन्हें तानाशाह के रुप में पेश किया है. जज अब्दुल अल अमीरी के इस विवादित बयान से एक दिन पहले यानी बुधवार को अभियोजन पक्ष ने उन पर बचाव दल यानी सद्दाम हुसैन और अन्य छह अभियुक्तों के लिए झुकान होने के आरोप लगाए थे. गुरूवार को मुक़दमे की सुनवाई के दौरान एक प्रत्यक्षदर्शी कुर्द व्यक्ति अब्दुल्लाह मोहम्मद हुसैन ने 1989 में तत्कालीन राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन से की गई अपनी वो अपील याद की जिसमें उसके परिवार को जेल से मुक्त करने का अनुरोध किया गया था. इस गवाही के बाद ही जज अल अमीरी ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि सद्दाम हुसैन तानाशाह रहे हैं बल्कि उनके आसपास के लोगों ने उन्हें इस रूप में पेश किया है. अब्दुल्लाह मोहम्मद हुसैन की गवाही सुनने के बाद सद्दाम हुसैन ने उस गवाह से कहा, "जब तुम जानते थे कि मैं एक तानाशाह था तो तुम मुझसे बात क्यों करना चाहते थे." सद्दाम हुसैन के इस कथन के जवाब में जज ने कहा, "आप एक तानाशाह नहीं थे. आपके आसपास के लोगों ने आपको तानाशाह के बतौर पेश किया है." इसके जवाब ने सद्दाम हुसैन ने जज का शुक्रिया अदा किया. बगदाद के कड़ी सुरक्षा क्षेत्र ग्रीन जोन में चल रहे इस मुकदमें में कुर्द किसान ने बताया कि वह कैसे 1989 में कुर्दों के खिलाफ़ अनफ़ल में चलाए गए अभियान के बाद राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन से मिला था. उसने बताया उसकी यह मुलाकात इराकी फौजी अधिकारियों से अनुरोध करने के लंबे सिलसिले के बाद मुमकिन हो पाई थी. पेशे से किसान उस गवाह ने अदालत में कहा, "मैंने सद्दाम हुसैन से क्या था: महोदय मेरे परिवार के सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है. सद्दाम हुसैन ने मुझसे पूछा था - कहां. मैंने बताया था -मेरे गांव में. तब सद्दाम हुसैन ने कहा था -चुप रहो, तुम्हारा परिवार अनफाल में गया है." गवाह ने आगे कहा कि उसके बाद इराक़ी राष्ट्रपति ने मुझे वहां से चले जाने के लिए कहा था. गवाह ने कहा, "मैंने जी जनाब कहते हुए उन्हें सलाम किया और वहाँ से चला गया. मुझे लगा था कि सद्दाम हुसैन को मेरी हालत पर तरस आएगा और वो मेरे परिवार को मुक्त कर देंगे... मैं बेहद दुःखी था लेकिन मुझे उम्मीद थी कि वो मेरे परिवार को छोड़ देंगे." गवाह अब्दुल्लाह मोहम्मद हुसैन ने अदालत में कहा उसके गिरफ्तार किए गए कुछ रिश्तेदार तो दो साल पहले सामूहिक क़ब्र के रूप में मिले थे लेकिन कुछ के बारे में तो अभी तक कुछ भी मालूम नहीं है. एक दिन पहले ही बुधवार को मुख्य अभियोजक मुनफ़ित अल फरून ने जज को जज के बारे में कहा था कि वह सद्दाम हुसैन और अन्य अभियुक्तों को ज़रूरत से ज़्यादा छूट दे रहे हैं जिसके कारण सद्दाम हुसैन और अन्य अभियुक्त अदालत का उपयोग गवाहों को डराने और राजनैतिक बयान देने के लिए कर रहे हैं. हिंसा वहीं दूसरी और बग़दाद में हिंसा का माहौल जारी है. बग़दाद पुलिस का कहना है कि दो कारों में हुए बम विस्फोट में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई है. पहला विस्फोट बग़दाद के दक्षिण-पश्चिम शिया-सुन्नी बहुल क्षेत्र में हुआ वहीं दूसरा विस्फोट पासपोर्ट कार्यालय के बाहर हुआ. | इससे जुड़ी ख़बरें ईरान ने इराक़ को 'मदद' की पेशकश की12 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना सद्दाम के ख़िलाफ़ सुनवाई फिर शुरु11 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना 'सद्दाम का अल क़ायदा से संबंध नहीं था'08 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना इराक़ी सेनाओं का नियंत्रण सौंपा गया07 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना ईरान की और जासूसी की सिफ़ारिश24 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना सद्दाम हुसैन पर नए मुक़दमे की सुनवाई21 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना सद्दाम को 'ज़बरदस्ती' अदालत लाया गया26 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना सद्दाम के बिना अदालती कार्यवाही24 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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