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सद्दाम के ख़िलाफ़ सुनवाई फिर शुरु | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कुर्दों के जनसंहार का आरोप झेल रहे पूर्व इराक़ी राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन के ख़िलाफ़ बग़दाद में अदालती सुनवाई फिर शुरु हो गई है. ये हत्याएँ 1987 से 1988 के बीच उत्तरी इराक़ के कुर्द बहुल इलाक़े में हुई थी. मुख्य अभियोजक ने कहा कि 'अनफ़ल' नाम से चले इस जनसंहार में एक लाख 82 हज़ार लोग मारे गए या सदा के लिए लापता हो गए. इस मामले की सुनवाई जब पहले हो रही थी, तब कुर्द गाँव वालों ने कहा था कि लोगों को मारने के लिए गैस छोड़े गए थे. उस समय मामले के मुख्य आरोपी सद्दाम हुसैन और केमिकल अली के नाम से चर्चित उनके चचेरे भाई भी अदालत में उपस्थित थे. इराक़ी राष्ट्रपति जलाल तालाबानी ने कहा है कि गवाहों के बयान सुनने के बाद जिसे भी दोषी पाया जाएगा उसे सजा दी जाएगी. शियाओं की हत्या के एक अन्य मामले में उनके ख़िलाफ़ सुनवाई हो चुकी है और फ़ैसले का इंतजार है. दुजैल सद्दाम हुसैन पर आरोप है कि दुजैल गाँव में उनकी हत्या की नाकाम कोशिश के बाद इराक़ी सैनिकों ने एक सौ से अधिक लोगों को मौत के घाट उतार दिया. सद्दाम हुसैन और अन्य अभियुक्त इस हत्याकांड की अनुमति देने के आरोपों से इनकार कर रहे हैं लेकिन अदालत में उनके ख़िलाफ़ कई गवाह और दस्तावेज़ी सबूत पेश किए गए हैं. अगर सद्दाम हुसैन दुजैल जनसंहार या कुर्दों की सामूहिक हत्या के लिए दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें मौत की सज़ा भी दी जा सकती है. सद्दाम हुसैन के ख़िलाफ़ चल रहे मुक़दमे शुरू से ही विवादों में घिरे रहे हैं और उनके वकील कई बार यह कहकर अदालत की सुनवाई का बहिष्कार कर चुके हैं कि उन्हें अपना पक्ष रखने का मौक़ा नहीं दिया जा रहा है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'सद्दाम का अल क़ायदा से संबंध नहीं था'08 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना सद्दाम हुसैन पर नए मुक़दमे की सुनवाई21 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना सद्दाम के बिना अदालती कार्यवाही24 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना सद्दाम को अस्पताल में भर्ती कराया गया23 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना सद्दाम के परिवारवाले 'भगोड़ों' की सूची में02 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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