|
बदल जाएगा न्यू ऑर्लियंस का चेहरा? | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका में पिछले वर्ष आए कैटरीना तूफ़ान की पहली बरसी के मौके पर राष्ट्रपति जॉर्ज बुश न्यू ऑर्लियंस में हैं. पिछले साल इसी दिन कैटरीना तूफ़ान ने गल्फ़ कोस्ट में प्रवेश किया था. इस तूफ़ान ने न्यू ऑर्लियंस में भंयकर तबाही मचाई थी. कैटरीना तूफ़ान को अमरीका के इतिहास में सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदा माना जाता है. इसे अमरीका में राष्ट्रीय स्मृति दिवस के तौर पर मनाया जा रहा है. कैटरीना तूफ़ान में पिछले वर्ष करीब 1500 लोगों की जान गई थी और हज़ारों लोग को विस्थापित होना पडा था. एक वर्ष बाद भी न्यू ऑर्लियंस शहर इस आपदा से उबरने की कोशिश कर रहा है. पूर्व में न्यू ऑर्लियंस में रहने वाले लोग अब अमरीका के विभिन्न राज्यों में रहने को मजबूर हैं. 'नस्लवाद'
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि पिछले वर्ष आए तूफ़ान में जो लोग पीछे छूट गए थे वो ज़्यादातर ग़रीब और अश्वेत समुदाय के थे. बीबीसी संवाददाता के मुताबिक अमरीका में बहुत से लोग ये सवाल उठाते रहे हैं कि क्या कैटरीना तूफ़ान के बाद प्रशासन की शुरूआती ढुलमुल प्रतिक्रिया के पीछे नस्लवाद एक वजह थी. तूफ़ान के बाद विस्थापित हुए लोगों में से आधे वापस लौट चुके हैं और उनमें से कई लोगों ने चिंता जताई है कि न्यू ऑर्लियंस पर अब धनी और व्यापारिक हितों वाले लोग हावी रहेंगे. लोगों को आशंका है कि न्यू ऑर्लियंस की तस्वीर बदल जाएगी और अब वो पहले जैसा नहीं रहेगा. कैटरीना तूफ़ान के बाद हुए सर्वेक्षणों के मुताबिक अश्वेत समुदाय के दो-तिहाई लोगों का कहना है कि ये बेहद ज़रूरी है कि न्यू ऑर्लियंस मिश्रित नस्लों वाली आबादी के अपने अतीत में वापस लौटे. जबकि गोरे लोगों में से आधे लोगों का कहना है कि ये इतना ज़रूरी नहीं है. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि आशंका जताई जा रही है कि जिस शहर के पहचान बहुसंस्कृतिवाद के लिए होती रही है, अब वहाँ सिर्फ़ धनी लोग हावी रहेंगे और शहर का पुनर्निमाण उन लोगों के बगैर होगा जिनका पहले यहाँ बहुमत हुआ करता था. जलवायु परिवर्तन बना वजह?
सामाजिक पहलूओं के अलावा कैटरीना तूफ़ान के पर्यावरण से जुड़े पहलूओं पर भी बहस छिड़ी हुई है. कई वैज्ञानिकों का कहना है कि तूफ़ान के चलते आई बाढ़ और उससे मची तबाही के पीछे ग्लोबल वार्मिंग यानि जलवायु परिवर्तन मुख्य कारण रहा है. हालांकि कुछ वैज्ञानिकों का ये भी मानना है कि इस तरह के तूफ़ानों की संख्या में बढ़ोत्तरी होने के जो कारण हैं वो काफ़ी जटिल हैं. लेकिन कैटरीना तूफ़ान के बाद ये इतना बड़ा सवाल नहीं है कि क्या जलवायु परिवर्तन के चलते तूफ़ान ज़्यादा आने लगे हैं बल्कि ये है कि क्या जलवायु परिवर्तन के चलते ऐसे तूफ़ान और विनाशकारी हो गए हैं? बीबीसी के विज्ञान मामलों के संवाददाता मैट मैक्ग्रा का कहना है कि वैज्ञानिकों के मुताबिक किसी भी तूफ़ान की तीव्रता काफ़ी हद तक उस जल स्रोत के तापमान पर निर्भर करती है, जहाँ से तूफ़ान उठा है. और उसमें कोई शक नहीं कि जलवायु परिवर्तन के चलते पिछले कुछ समय में समुद्रों का पानी गर्म हुआ है. सो कैटरीना तूफ़ान का कारण भले ही जलवायु परिवर्तन के चलते न हुआ हो पर इसके चलते तूफ़ान का विनाशकारी प्रभाव ज़रूर बढ़ा था. |
इससे जुड़ी ख़बरें कैटरीना पर बुश प्रशासन की आलोचना13 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना अमरीका में कैटरीना राहत राशि में घोटाला29 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना न्यू ऑर्लियंस में हज़ारों की नौकरी गई05 अक्तूबर, 2005 | पहला पन्ना दोष स्थानीय अधिकारियों का: ब्राउन27 सितंबर, 2005 | पहला पन्ना 'कैटरीना राहत से दूर हो सकता है अन्याय'16 सितंबर, 2005 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||