BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
रविवार, 27 अगस्त, 2006 को 23:53 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
एक तिहाई चीन में 'तेज़ाबी वर्षा'
चीन के उद्योग
चीन के औद्योगिक विकास की रफ़्तार पिछले एक दशक में कई गुना बढ़ गई है
चीन की एक अधिकृत रिपोर्ट में कहा गया है कि तेज़ी से हो रहे औद्योगिक विकास की वजह से एक तिहाई चीन में 'एसिड रेन' यानी तेज़ाबी या अम्ल वर्षा हो रही है.

यह रिपोर्ट सरकारी मीडिया ने प्रकाशित की है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ा है और वायु की शुद्धता लगातार घटी है.

यह तब हो रहा है कि जबकि अधिकारी वायु प्रदूषण कम करने की कोशिशों में लगे हुए हैं.

हाल ही में हुई एक घटना में एक बाँध में रसायन फैल गया था. उत्तर-पश्चिमी चीन में स्थित एक बाँध पर पानी के लिए एक लाख लोग निर्भर करते हैं.

उल्लेखनीय है कि चीन में दुनिया के कुछ सबसे प्रदूषित शहर और नदियाँ हैं.

ख़तरनाक स्थिति

प्रदूषण जाँच रिपोर्ट में कहा गया है कि संसद की एक स्थाई समिति ने पाया कि कोयले पर आधारित उद्योगों से 255 लाख टन सल्फ़र डायआक्साइड छोड़ा जाता है.

वर्ष 2000 की तुलना में यह 27 प्रतिशत अधिक है.

सल्फ़र डायऑक्साइड से ही तेज़ाबी वर्षा होती है और रिपोर्ट के अनुसार हवा में इसकी मात्रा सामान्य या सुरक्षित स्तर से दोगुनी है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ इलाक़ों में तो पूरी वर्षा ही तेज़ाबी वर्षा होती है.

सरकारी मीडिया में स्थाई समिति के सदस्य शेंग हॉरेन के हवाले से कहा गया है, "सल्फ़र डायऑक्साइड की मात्रा बढ़ने का मतलब है कि एक तिहाई चीन तेज़ाबी वर्षा की चपेट में है और इससे ज़मीनों और फसलों को ख़तरा है."

स्थानीय प्रशासनों पर आरोप है कि तेज़ आर्थिक विकास के चक्कर में वह पर्यावरण के क़ायदों की अनदेशी कर रहे हैं.

इसी तरह की एक रिपोर्ट हाल ही में राज्य में पर्यावरण पर नज़र रखने वाली संस्था ने भी दी है.

चीन ने पर्यावरण की रक्षा के लिए अगले पाँच साल में 175 अरब डॉलर खर्च करने की घोषणा की है.

इससे जुड़ी ख़बरें
'भारत-चीन के विकास से ख़तरा'
12 जनवरी, 2006 | कारोबार
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>