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बग़दाद में दो दिनों तक वाहनों पर पाबंदी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ की सरकार ने शिया मुसलमानों के एक महत्वपूर्ण धार्मिक समारोह की तैयारी के मद्देनज़र सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और दो दिनों के लिए राजधानी बग़दाद में सभी वाहनों पर पाबंदी लगा दी है. अधिकारियों ने शिया मुसलमानों को सलाह दी है कि वे ख़ुद भी अपनी सुरक्षा के प्रति सचेत रहें और जातीय बातें न करें क्योंकि इससे हिंसा को बढ़ावा मिलता है. राजधानी बग़दाद और आसपास के इलाक़ों में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है और काफ़ी चौकसी बरती जा रही है. पिछले साल इस धार्मिक समारोह के दौरान अफ़वाह फैल गई थी जिसके बाद भगदड़ मचने से क़रीब एक हज़ार लोग मारे गए थे. हादसा उस समय भगदड़ मचने के कारण दजला नदी के ऊपर बने पुल की रेलिंग टूट गई थी. जिसके कारण बड़ी संख्या में लोग नदी में डूब गए थे. मरने वालों में महिलाएँ और बच्चे भी शामिल थे. अब इस सप्ताहंत फिर आठवीं सदी के इमाम मूसा अल-काज़िम की शहादत की याद में धार्मिक समारोह होने जा रहा है. इस धार्मिक समारोह के मद्देनज़र राजधानी बग़दाद में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा होना शुरू हो गए हैं. उम्मीद है कि हज़ारों की संख्या में और लोग बग़दाद में जुटेंगे. शुक्रवार की नमाज़ के दौरान एक शिया मौलवी ने लोगों से अपील की कि वे दिखा दें कि हमलों की आशंका से शिया मुसलमान अपने रास्ते से नहीं भटकेंगे. | इससे जुड़ी ख़बरें इराक़ में धमाके, कम से कम 47 मरे13 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना अमरीकी सेना ने '26 विद्रोहियों' को मारा12 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना इराक़ विस्फोट में 35 की मौत10 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना 'साजिश के पीछे अल क़ायदा का हाथ'10 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना बग़दाद में धमाके, 19 की मौत08 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना चार अमरीकी सैनिकों के ख़िलाफ़ सुनवाई06 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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