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लेबनान में भीषण ज़मीनी लड़ाई | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लेबनान के दक्षिणी इलाक़ों में इसराइली सेना और हिज़्बुल्ला लड़ाकों के बीच भीषण लड़ाई होने की ख़बरे हैं. यह लड़ाई ईसाई बहुल शहर मरजायौन के पास हो रही है. उधर लेबनानी सेना के एक कमांडर ने बीबीसी से बातचीत में इन इसराइली दावों का खंडन किया है कि इसराइली सैनिकों ने मरजायौन शहर पर क़ब्ज़ा कर लिया है. इससे पहले इसराइली सेना ने कहा था कि उसके सैनिकों ने रात में सीमा पार करके लेबनान के दक्षिणी हिस्से में मरजायौन शहर पर क़ब्ज़ा कर लिया है. हिज़्बुल्ला ने कहा है कि उसने 11 इसराइली टैंक ध्वस्त कर दिए हैं और लड़ाई के दौरान इन टैंकों पर सवार इसराइली सैनिक भी हताहत हुए हैं. इसराइली मिसाइलों ने लेबनान की राजधानी बेरूत के पश्चिमी हिस्से में स्थित एक ऐतिहासिक प्रकाश भवन को निशाना बनाया है. इसराइल सरकार ने इससे पहले कहा था कि लेबनान में और ज़्यादा ज़मीनी सैनिक भेजने के फ़ैसले पर अमल में इसलिए देरी की गई ताकि संकट सुलझाने के लिए कूटनीतिक प्रयासों के लिए और समय मिल सके. इस बीच हिज़्बुल्ला ने इसराइल के उत्तरी ठिकानों पर रॉकेट दागने जारी रखे हैं. एक रॉकेट एक इसराइली अरब गाँव डायर अल असद में गिरा जिसमें एक बच्ची की मौत हो गई. मानवीय संकट इस बीच संयुक्त राष्ट्र राहत कार्यों के प्रमुख यान इगेलान ने लेबनान में जारी संघर्ष के लिए इसराइल और हिज़्बुल्ला दोनों की निंदा करते हुए कहा है कि इस संघर्ष की वजह से आम लोगों को बहुत मुश्किलें हो रही हैं.
यान इगेलान ने जिनेवा में पत्रकारों से बातचीत में कहा है कि इस लड़ाई की वजह से लेबनान में हालात बहुत ख़राब हो गए हैं और राहतकर्मियों के लिए आम लोगों तक राहत पहुँचाना असंभव हो गया है. उन्होंने कहा है कि लेबनान में लाखों को मदद की सख़्त ज़रूरत है. इगेलान ने कहा कि यह बड़े ही दुख की बात है कि हिज़्बुल्ला और इसराइल दोनों ही राहत और चिकित्सा सहायता पहुँचाने वाले काफ़िलों को सुरक्षा देने में नाकाम साबित हुए हैं. इगेलान ने कहा कि लेबनान में इस लड़ाई में अब तक एक हज़ार से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं. उन्होंने कहा है कि लेबनान की पूरी आबादी का लगभग एक चौथा से एक तिहाई हिस्सा बेघर हो गया है. ग़ौरतलब है कि लेबनान की आबादी लगभग चालीस लाख है. अंतरराष्ट्रीय राहत एजेंसी मेडिसिन्स साँ फ्रंटियर्स ने कहा है कि वह इसराइली धमकियों के बावजूद दक्षिणी लेबनान में राहत पहुँचाने की कोशिश करेगी. ग़ौरतलब है कि इसराइल ने मंगलवार को पर्चे गिराए थे जिसमें चेतावनी दी गई थी कि दक्षिणी लेबनान में लीतानी नदी के दक्षिणी इलाक़े में कोई भी वाहन चलता हुआ नज़र आया तो उस पर बमों से हमला किया जाएगा. कूटनीतिक स्थिति उधर लेबनान में युद्धविराम लागू कराने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पाँच स्थाई सदस्य गुरूवार को भी बातचीत जारी रखेंगे. बुधवार को सुरक्षा परिषद की जो बैठक हुई थी उसमें राजनयिकों ने किसी नए फॉर्मूले के बारे में संदेह व्यक्त किए थे. अहम मुद्दा अब ये बचा है कि संघर्षविराम कैसे लागू किया जाए और लेबनान से इसराइली सैनिकों की वापसी कैसे सुनिश्चित की जाए. कुछ राजनयिकों ने आशंका जताई है कि इसराइली सैनिकों की वापसी के बाद वहाँ फिर से हिज़्बुल्ला के लड़ाके सक्रिय हो सकते हैं. राजनयिकों का कहना है कि लेबनान ने इसराइली सैनिकों की वापसी के बाद दक्षिणी इलाक़े में लगभग 15 हज़ार लेबनानी सैनिक नियुक्त किए जाने का जो प्रस्ताव रखा है उस पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है. बीबीसी के कूटनीतिक मामलों के एक संवाददाता का कहना है कि प्रस्ताव को लेकर कुछ जल्दबाज़ी तो नज़र आ रही है और एक तरह से यह चिंता भी है कि इसराइल का ज़मीनी आक्रमण फैलने से पहले ही संघर्षविराम के प्रस्ताव पर मतदान हो जाए. |
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