|
सुरक्षा परिषद में युद्धविराम पर विचार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में लेबनान में इसराइल और हिज़्बुल्ला के बीच युद्धविराम के प्रस्ताव पर विचार शुरू हो गया है. अमरीका का कहना है कि वह इस पर मिली प्रतिक्रिया से उत्साहित है लेकिन लेबनानी अधिकारियों ने इस पर आपत्ति जताई है. ग़ौरतलब है कि इसके पहले लेबनान में युद्धविराम के प्रस्ताव पर अमरीका और फ़्रांस के बीच मतभेद लंबे प्रयासों के बाद दूर हो गए थे. इसराइल और हिज़्बुल्ला के बीच चल रहे युद्ध को रोकने के लिए तैयार किए गए इस प्रस्ताव की शब्दावली को लेकर पहले दोनों देशों के बीच मतभेद थे. इस मतभेद को दूर करने में भूमिका निभाने वाले ब्रितानी प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने उम्मीद जताई है कि सुरक्षा परिषद से प्रस्ताव पारित होने के बाद दो दिनों के भीतर युद्ध विराम हो सकता है. इस प्रस्ताव में दोनों पक्षों को तत्काल हमले रोकने को कहा गया है. हालांकि बीबीसी के संयुक्त राष्ट्र संवाददाता का कहना है कि शब्दावली के हिसाब से इसराइल को कुछ छूट मिल सकती है, यदि वह तर्क दे कि उसे आत्मरक्षा का अधिकार दिया जाना चाहिए. इस प्रस्ताव पर सुरक्षा परिषद में विचार चल रहा है और संभावना है कि रविवार को इस पर चर्चा जारी रहेगी. इस बीच हिज़्बुल्ला और इसराइल के बीच गोलाबारी जारी है. उल्लेखनीय है कि तीन हफ़्ते पहले हिज़्बुल्ला चरमपंथियों ने एक इसराइली चौकी पर हमला किया था और दो इसराइली सैनिकों को बंधक बना लिया था इसके बाद से इसराइल ने लेबनान पर हमला करना शुरु कर दिया था. तत्काल युद्धविराम लेबनान में युद्धविराम के इस प्रस्ताव पर असहमति दूर करने में ही कई हफ़्ते लग गए.
संयुक्त राष्ट्र में अमरीका के राजदूत जॉन बोल्टन ने कहा है कि वो चाहते हैं कि यह प्रस्ताव जितनी जल्दी हो सके स्वीकार कर लिया जाना चाहिए. उनका कहना है कि इस प्रस्ताव में कहा गया है कि 'हिज़्बुल्ला तत्काल हमले रोके और इसराइल तत्काल अपनी जवाबी सैन्य कार्रवाई रोके.' इसमें यह भी कहा गया है कि इस युद्धविराम पर लेबनान में मौजूद संयुक्त राष्ट्र शांतिसेना नज़र रखे. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इस प्रस्ताव पर सोमवार या मंगलवार को मतदान होने की संभावना है. उनका कहना है कि इस प्रस्ताव पर मतदान के लिए विदेश मंत्रियों के पहुँचने की संभावना है जिससे कि युद्धविराम की अंतरराष्ट्रीय माँग के अनुरूप इसे राजनीतिक महत्व दिया जा सके. उधर हिज़्बुल्ला के एक राजनीतिज्ञ ने कहा है कि चरमपंथी तब तक लड़ाई जारी रखेंगे जब तक इसराइली सेनाएँ लेबनान छोड़ कर चली नहीं जातीं. जबकि इसराइल के एक प्रवक्ता ने कहा है कि लड़ाई फ़िलहाल जारी रहेगी. प्रवक्ता का कहना था कि 'अभी बहुत से काम बाक़ी हैं.' लड़ाई जारी इस बीच दोनों ओर से गोलाबारी जारी है. इसराइल ने दावा किया है कि उसके कमांडो ने लेबनान के टायर शहर पर हमला करके तीन हिज़्बुल्ला लड़ाकों को मार दिया है.
इसराइल का कहना है कि ये कार्रवाई रात के अंधेरे में की गई. दूसरी ओर हिज़्बुल्ला का कहना है कि उसने इसराइली हमले को नाकाम कर दिया. इसराइली अधिकारियों के अनुसार रात के अंधेरे में उसके कमांडो सैनिकों ने एक इमारत को घेर लिया और फिर संघर्ष शुरू हो गया. इसराइल का कहना है कि लड़ाई में उसके आठ सैनिक घायल हुए हैं. दूसरी ओर हिज़्बुल्ला का कहना है कि इसराइली नौसेना के कमांडो हेलिकॉप्टर से इस शहर के निकट उतरे थे लेकिन हिज़्बुल्ला लड़ाकों और लेबनानी सेना ने उन्हें वापस लौटने को मजबूर कर दिया. इसराइल का कहना है कि इस कार्रवाई का मक़सद हिज़्बुल्ला के रॉकेट लांचरों को नष्ट करना था. इसराइल ने यह भी जानकारी दी है कि उसने रात में लेबनान पर 70 बार हवाई हमले किए. इसराइली हमले में दक्षिणी बेरूत को भी निशाना बनाया गया. दक्षिणी लेबनान में भी लड़ाई जारी है. इस इलाक़े में 10 हज़ार इसराइली सैनिक कार्रवाई कर रहे हैं. उनका मक़सद है हिज़्बुल्ला लड़ाकों को सीमावर्ती इलाक़ों से खदेड़ना. |
इससे जुड़ी ख़बरें टायर हमले को लेकर इसराइल और हिज़्बुल्ला के दावे05 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना लेबनान प्रस्ताव पर सुरक्षा परिषद में विचार05 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना इसराइली हमले में 26 मारे गए, 30 घायल04 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना दक्षिणी बेरूत पर इसराइल का हमला जारी05 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना 'इसराइल को पहले हमले रोकने होंगे'03 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||