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मुंबई धमाकों की गूंज अमरीका तक | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मुंबई की लोकल ट्रेनों में हुए बम धमाकों की गूंज अमरीका तक पहुंच गई है और अब कई अमरीकी शहरों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. यह पहला मौका है कि भारत में किसी हादसे का अमरीका पर इस हद तक असर हुआ है. न्यूयॉर्क, शिकागो, लॉस एंजेलस और अटलांटा जैसे शहरों में चौकसी बढ़ा दी गई है. खासकर सार्वजनिक परिवहन के साधनों पर ज़्यादा ध्यान दिया जा रहा है. न्यूयॉर्क में भूमिगत रेल सेवा के सभी स्टेशनों पर पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है और हर आने जाने वाले पर और ट्रेनों के अंदर भी यात्रियों की जांच पड़ताल की जा रही है. सैकड़ो की तादाद में पुलिसकर्मी जगह जगह पर तैनात कर दिए गए हैं. हर ट्रेन स्टेशन और अहम इमारतों पर पुलिस के जवान तैनात हैं जिनके साथ विस्फोटकों का पता लगाने वाले कुत्ते भी हैं. ट्रेन स्टेशनों पर और ट्रेनों के अंदर भी बराबर यह एलान किया जा रहा है कि यात्रीगण अगर किसी संदिग्ध व्यक्ति या चीज़ को देखें तो फौरन पुलिस या रेल कर्मचारियों को सूचित करें. एहतियाती उपाय पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मुंबई में बम धमाकों के बाद एहतियाती तौर पर ट्रेनों में खासकर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है. अधिकारी यह भी कह रहे हैं कि न्यूयॉर्क पर हमलों की ऐसी कोई ख़ुफिया जानकारी फिलहाल नहीं है. न्यूयॉर्क के मेयर माईकल ब्लूमबर्ग ने कहा,“मुंबई में हुए बम धमाकों की तरह न्यूयॉर्क को निशाना बनाए जाने की कोई सूचना नहीं है. न्यूयॉर्क वासियों को मैं यह कहना चाहता हूं कि शहर में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह चौकस हैं.” न्यूयॉर्क पुलिस विभाग के अधिकारी मुंबई बम हमलों के बारे में औऱ सूचना इकठठा करने के लिए भारत भी रवाना होने वाले हैं. अन्य अमरीकी सुरक्षा एजेंसियां जैसे एफ़ बी आई भी भारत में अपने अधिकारी भेज रही है जिससे इस तरह के हमलों के तरीकों के बारे में औऱ ज़्यादा जानकारी इकठठा की जा सके. न्यूयॉर्क में भूमिगत रेलों में करीब 50 लाख लोग रोज़ाना सफर करते हैं. शहर में कुल 468 भूमिगत ट्रेन स्टेशनों पर ज़बर्दस्त सुरक्षा व्यवस्था है. न्यू यॉर्क में कुछ ट्रेन स्टेशनों में यात्रियों के सामानों की जांच करने के लिए कई नए यंत्र भी लगाए गए हैं और खासकर किसी विस्फोटक का पता लगाने के लिए खास मशीनें भी लगाई गई हैं जो लोगों के पूरे शरीर की जांच कर विस्फोटक का पता लगाने का काम करेंगी.. इस बीच अमरीका में भारतीय मूल के लोगों में अपने सगे संबंधियों को लेकर चिंता का माहौल है. मुंबई से अब भी बहुत से लोगों का नाता है और बहुत से लोगों के सगे संबंधी मुंबई में रहते हैं. सभी को अपने चाहने वालों की सुरक्षा की चिंता है. असीम छाबड़ा दिल्ली से आकर अमरीका बस गए लेकिन उनका परिवार भारत घूमने गया था, वह बहुत चिंतित नज़र आए. उन्होंने अपने परिवार के साथ अपने संबंधियों और दोस्तों की भी खबर लेनी चाही लेकिन उन्हे फोन लाईन ही नही मिली. कई घंटों बाद परिवार जनों की खैरियत मिल पाई. बहुत से लोग फोन लाईन न मिलने के कारण मंगलवार को अपने संबंधियों की खैरियत की खबर लेने में नाकाम रहे थे. |
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