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शनिवार, 08 जुलाई, 2006 को 19:56 GMT तक के समाचार
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इसराइल ने युद्धविराम का प्रस्ताव ठुकराया
इसराइली टैंक
उत्तरी गज़ा में दो दिनों से भीषण संघर्ष चल रहा था
गज़ा पट्टी में चल रहे घमासान लड़ाई को रोकने के हमास के नेतृत्व वाले फ़लस्तीनी सरकार के प्रस्ताव को इसराइल ने ठुकरा दिया है.

फ़लस्तीनी सरकार के प्रमुख इस्माइल हानिया ने कहा था कि वर्तमान संकट का हल इसी में है कि सभी पक्ष युद्धविराम करके शांति बहाल करें.

लेकिन इसराइली प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट ने इस प्रस्ताव को ठुकराते हुए कहा है कि जब तक बंधक इसराइली सैनिक मुक्त नहीं हो जाता कोई समझौता नहीं हो सकता.

इससे पहले इसराइली सेना ने कहा था कि वह उत्तरी गज़ा क्षेत्र से हट रही है और इसराइल की ओर लौट रही है.

इस बीच इसराइली सेना ने हमले जारी रखे हैं. एक इसराइली सैनिक के अलावा कम से कम 40 फ़लस्तीनी मारे गए हैं. ज़्यादातर फ़लस्तीनियों के चरमपंथी होने का दावा किया गया है.

उल्लेखनीय है कि 25 जून को एक सुरक्षाचौकी पर हमला करने के बाद फ़लस्तीनी चरमपंथियों ने एक इसराइली सैनिक गिलाद शालित को बंधक बना लिया था.

इसके बदले चरमपंथियों ने फ़लस्तीनी क़ैदियों की रिहाई की माँग की थी. जिसे इसराइल ने ठुकरा दिया था और इसराइली सैनिकों ने गज़ा में हमले शुरु कर दिए थे.

हमले जारी

इस बीच इसराइली सेना दक्षिणी गज़ा और गज़ा शहर के पूर्वी हिस्से में बनी हुई है और लड़ाई जारी है.

इसराइली प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट के कार्यालय के अधिकारियों का कहना है कि ओल्मर्ट युद्धविराम के प्रस्ताव को तब तक स्वीकार नहीं कर सकते जब तक कि इसराइली सैनिक को मुक्त नहीं कर दिया जाता.

 पहले वे बंधक बनाए गए सैनिक को लौटाएँ और अपनी ओर से हमला बंद करें
इसराइली प्रधानमंत्री कार्यालय का एक अधिकारी

एक अधिकारी के हवाले से समाचार एजेंसी एएफ़पी ने कहा है, "हम चरमपंथियों से कोई बात नहीं करते."

अधिकारियों ने कहा है, "पहले वे बंधक बनाए गए सैनिक को लौटाएँ और अपनी ओर से हमला बंद करें."

इस बीच इसराइली सेना ने उत्तरी गज़ा को छोड़ने की घोषणा की है. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि यह घोषणा महत्वपूर्ण है क्योंकि इस इलाक़े में पिछले दो दिनों से घमासान लड़ाई हो रही थी.

लेकिन इस बीच सेना हेलीकॉप्टरों, बख़्तरबंद गाड़ियों और टैंकों सहित बेत हैनॉन शहर के पूर्वी हिस्से में पहुँच गई है.

इसे फ़लस्तीनी चरमपंथियों का गढ़ माना जाता है.

इस बीच इसराइली सेना के हमले में कई फ़लस्तीनी नागरिकों और संदिग्ध चरमपंथियों सहित कम से कम चालीस लोग मारे गए हैं.

एक इसराइली मिसाइल से एक घर में हुए विस्फोट और उसके बाद लगी आग में दो बच्चे और उसकी माँ की मौत हो गई.

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