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गज़ा में इसराइल की बड़ी सैनिक कार्रवाई | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइली हेलीकॉप्टरों ने गज़ा में ज़बर्दस्त कार्रवाई शुरु कर दी है जिससे हमास के नेतृत्व वाली फ़लस्तीनी सरकार पर दबाव बढ़ गया है. फ़लस्तीनी चरमपंथियों ने हफ्ते भर पहले एक इसराइली सैनिक को अपने कब्ज़े में ले रखा है और उसे छुड़ाने के लिए इसराइल ने अब कार्रवाई करनी शुरु कर दी है. इसराइली हमले के जवाब में हमास के लड़ाकों ने भी कार्रवाई की है और दोनों पक्षों के बीच गोलाबारी भी हुई है. इसराइली हमले में फ़लस्तीनी प्रधानमंत्री इस्माइल हानिया के कार्यालय को भी निशाना बनाया गया है और मिसाइल दागे गए हैं. हमले के समय हानिया अपने कार्यालय में नहीं थे और इस हमले में हानिया के तीन सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं. इस बीच मिस्र में इसराइल और फ़लस्तीनी पक्षों के बीच सुलह कराने के लिए मिस्र में वार्ता चल रही है लेकिन फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास ने चेतावनी दी है कि यह वार्ता बहुत ही ख़तरनाक दौर में पहुंच गई हैं. इसराइल ने चेतावनी दी थी कि वह अपने सैनिक गिलाड शलित को छुड़ाने के लिए बड़ा कार्रवाई कर सकता है. हमास इसराइली सैनिक को छोड़े जाने के एवज़ में इसराइली जेलों से कई फ़लस्तीनियों की रिहाई चाहता है जिसके लिए इसराइल कतई तैयार नहीं है. उधर वाशिंगटन से राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कहा है कि यह संकट तभी टल सकता है जब इसराइली सैनिक को रिहा कर दिया जाए. हालांकि हमास के एक प्रवक्ता ने कहा है कि इसराइल ने खुला युद्ध छेड़ दिया है और इसका दोष फ़लस्तीनियों पर नहीं मढ़ना चाहिए. मध्यस्थता इसराइली सैनिक को अगवा किए जाने के बाद चल रहे संकट को सुलझाने के लिए मिस्र के ख़ुफ़िया विभाग के प्रमुख उमर सुलेमान इसराइली और फ़लस्तीनी अधिकारियों से बातचीत कर रहे हैं. शनिवार को भी इसराइल का हमला जारी रहा. इसराइल का कहना है कि वह फ़लस्तीनी चरमपंथी गुटों के ठिकाने को निशाना बना रहा है. ग़ज़ा की उत्तरी सीमा पर इसराइली सैनिकों का जमावड़ा है और बड़ी संख्या में टैंक भी तैनात किए गए हैं. लेकिन इसराइल ने कहा है कि सैनिक कार्रवाई से कूटनीतिक समाधान का रास्ता बंद नहीं हुआ है. इस बीच इसराइली सैनिक को अगवा करने वाले तीन फ़लस्तीनी चरमपंथी गुटों ने अब नई मांग रखी है. इन गुटों का कहना है कि इसराइल अपनी जेलों में बंद एक हज़ार अरब क़ैदियों को रिहा करे. इससे पहले अपनी मांग में इन गुटों ने फ़लस्तीनी महिला क़ैदियों और बच्चों को रिहा करने की मांग की थी. अब उन्होंने अपनी मांग में एक और शर्त जोड़ दी है. इस नए बयान में कहा गया है कि फ़लस्तीनी चरमपंथी आंदोलन से जुड़े लोगों को रिहा किया जाए और साथ में उन लोगों को भी छोड़ा जाए जो लंबे समय से सज़ा काट रहे हैं और बीमार हैं. लेकिन बयान में यह नहीं कहा गया है कि अगर उनकी मांगे मान ली जाएँगी, तो वे इसराइली सैनिक को रिहा करेंगे या नहीं. क्योंकि पहले बयान में यह कहा गया था कि अगर इसराइल फ़लस्तीनी महिला क़ैदियों और बच्चों को रिहा करता है, तो उसके लापता सैनिक के बारे में सूचना दी जाएगी. राहत एजेंसियों ने ग़ज़ा में मानवीय संकट की चेतावनी दी है. स्थानीय डॉक्टरों का कहना है कि कई लोगों को ताज़ा भोजन और पानी नहीं मिल पा रहा है. | इससे जुड़ी ख़बरें चरमपंथी गुटों ने नई माँगे रखीं01 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना 'अभियान सरकार को गिराने की साजिश'30 जून, 2006 | पहला पन्ना इसराइली सेना ने फ़लस्तीनी मंत्री पकड़े29 जून, 2006 | पहला पन्ना इसराइली सेना उत्तरी गज़ा में भी29 जून, 2006 | पहला पन्ना हमास और ख़ालिद मशाल की मुश्किल28 जून, 2006 | पहला पन्ना इसराइल की ख़तरनाक कार्रवाई की धमकी28 जून, 2006 | पहला पन्ना कूटनीति को एक मौक़ा देने की अपील27 जून, 2006 | पहला पन्ना हवाई हमले के बाद, ज़मीनी कार्रवाई भी27 जून, 2006 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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