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उत्तर कोरिया मिसाइल विवाद बढ़ा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका का कहना है कि उत्तर कोरिया लंबी दूरी की ऐसी मिसाइलों के परीक्षण की कोशिश में है जो अमरीकी इलाक़ों तक मार करने में सक्षम है. हालांकि पेंटागन ने इन ख़बरों की न तो पुष्टि की और न ही खंडन किया कि अमरीका ने मिसाइल हमलों की आशंका के बाद अपनी मिसाइल रोधी प्रणाली को सक्रिय कर दिया है. पिछले कुछ दिनों में उत्तर कोरिया पर लंबी दूरी की मिसाइल का परीक्षण न करने के लिए दबाव बढ़ाया गया है और इसी के तहत दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति किम दाए जुंग ने प्योंगयांग की अपनी पूर्व निर्धारित यात्रा रद्द कर दी है. उत्तर कोरिया ने साफ कहा है कि उसे मिसाइलों के परीक्षण का पूरा अधिकार है. हालांकि कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा है कि उत्तर कोरिया ने मसले को सुलझाने के लिए अमरीका से बातचीत का भी आह्वान किया है. संकट का समय अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार स्टीफन हैडली ने मंगलवार को कहा कि ऐसा लग रहा है कि उत्तर कोरिया लंबी दूरी की मिसाइल का परीक्षण करने की प्रक्रिया में आगे बढ़ रहा है लेकिन खुफिया जानकारी भी इस समय पूरी तरह साफ नहीं है. संवाद समिति एएफपी के अनुसार हैडली ने कहा कि यह बता पाना कठिन है कि उत्तर कोरिया ने अपनी ताइपोदोंग 2 मिसाइलें ईंधन भर कर पूरी तरह तैयार कर ली हैं या नहीं. उन्होंने कहा " ऐसा लगता है कि उत्तर कोरिया संकट का समय लाना चाहता है. " इससे पहले एक अधिकारी के हवाले से ख़बर आई थी कि अमरीका ने अपनी मिसाइल रोधी प्रणाली को सक्रिय कर दिया है. बाद में पेंटागन से पूछे जाने पर उन्होंने न तो इसकी पुष्टि की और न ही खंडन किया. अमरीकी राष्ट्रपति के कार्यालय ने इस सवाल पर कोई टिप्पणी करने से इंकार किया कि मिसाइल हमले की स्थिति में अमरीका क्या करेगा.
बीबीसी के जोनाथन बील का कहना है कि उत्तर कोरिया के किसी मिसाइल को मार गिराए जाने से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ सकता है. अधिकार और दबाव उत्तर कोरिया का कहना है कि उसे मिसाइल परीक्षण का अधिकार है जबकि कई देशों ने इस पर चिंता जताते हुए कूटनीतिक दबाव बढ़ा दिया है. इसी के तरह दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ने प्योंगयांग की अपनी यात्रा रद्द कर दी है. उधर दक्षिण कोरिया की योनहप संवाद समिति के अनुसार संयुक्त राष्ट्र में उत्तर कोरिया के उप प्रमुख हान सोंग रयोल ने कहा है कि वो मिसाइल परीक्षण से उपजे विवाद को अमरीका के साथ वार्ता के ज़रिए सुलझाने के पक्ष में हैं. अमरीकी सेटेलाइट चित्रों के अनुसार उत्तर कोरिया ने अपने लंबी दूरी के मिसाइलों के परीक्षण के लिए पूरी तैयारी कर रखी है. उत्तर कोरिया ने 1998 में तायपोदोंग 1 का परीक्षण किया था जिसकी मारक क्षमता दो हज़ार किलोमीटर से अधिक है. इसके बाद से ही उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम पर छह देशों की बहुस्तरीय वार्ता शुरु हुई थी जिसमें उत्तर कोरिया आगे मिसाइलों का परीक्षण रोकने पर सहमत हुआ था. बीच में कई कारणों से छह देशों की वार्ता रुक गई और संवाददाताओं के अनुसार वर्तमान मिसाइल परीक्षणों की चेतावनी के ज़रिए उत्तर कोरिया इन वार्ताओं को फिर शुरु करवाना चाहता है. | इससे जुड़ी ख़बरें मिसाइल परीक्षण पर फिर चेतावनी20 जून, 2006 | पहला पन्ना मिसाइल परीक्षण की तैयारी17 जून, 2006 | पहला पन्ना असैनिक कार्यों के लिए रिएक्टर की माँग20 सितंबर, 2005 | पहला पन्ना उत्तर कोरिया परमाणु कार्यक्रम छोड़ देगा19 सितंबर, 2005 | पहला पन्ना क्या है उत्तर कोरिया का मामला?19 सितंबर, 2005 | पहला पन्ना परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत टली07 अगस्त, 2005 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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