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लंदन:छापों के लिए पुलिस ने माफ़ी माँगी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लंदन के पूर्वी इलाक़े में 'आतंकवाद निरोधक क़ानून' के तहत दो मुसलमान भाइयों को गिरफ़्तार करने के मामने में पुलिस ने माफ़ी माँगी है. इनमें से एक मोहम्मद अब्दुल काहर को ग्यारह दिन पहले पुलिस के छापे के दौरान गोली लगी थी जबकि उनके भाई अबुल काहर को छापे के दौरान गिरफ़्तार किया गया था. लेकिन इनके ख़िलाफ़ कोई मामला दर्ज नहीं किया गया था और इन्हें रिहा कर दिया गया था. मोहम्मद अब्दुल काहर का कहना था, "मैं चाहता हूँ कि इस मामले से जुड़े सभी लोग माफ़ी माँगे." उनका कहना था कि पुलिस से मुआवज़ा लेने की बात तो उनके दिमाग आई ही नहीं है, उन्हें ज़्यादा दिलचस्पी माफ़ी में है. उनका कहना था कि उनका अपराध केवल इतना था कि वे एशियाई हैं और उन्होंने दाढ़ी रखी हुई है. इसके बाद मेट्रोपॉलिटन पुलिस की विशेष ऑपरेशन्स शाखा के सहायक कमिश्नर एंडी हेयमैन ने भाइयों से माफ़ी माँगी थी. उनका कहना था, "मुझे एहसास है कि इस अभियान के तहत इस इलाक़े के कई निवासियों को असुविधा हुई है. किसी की भी भावनाओं को ठेस पहुँचाने के लिए मैं माफ़ी चाहता हूँ." बताया जाता है कि छापे के दौरान पुलिस संदिग्ध रासायनिक हथियारों की खोज कर रही थी लेकिन उसे ऐसा कुछ नहीं मिला. | इससे जुड़ी ख़बरें लंदन में छापा, एक को गोली लगी02 जून, 2006 | पहला पन्ना 'लंदन बम धमाकों को रोक सकते थे'11 मई, 2006 | पहला पन्ना ब्रिटेन ने 'ग्वांतानामो' बंद करने को कहा10 मई, 2006 | पहला पन्ना अबू हमज़ा को सात साल की सज़ा07 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना 'यौन संबंध के बदले वीज़ा' देने के आरोप03 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना 21 जुलाई धमाकों में गिरफ़्तारी22 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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