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बुधवार, 31 मई, 2006 को 13:13 GMT तक के समाचार
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बसरा में एक माह की आपात स्थिति
नूरी अल मलिकी एक शिया नेता के साथ
बसरा के कुछ शिया गुट केंद्र सरकार से ज़्यादा स्वतंत्रता की माँग कर रहे हैं
इराक़ के प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी ने देश के दूसरे सबसे बड़े शहर बसरा में बढ़ती हिंसा पर क़ाबू पाने के प्रयासों के तहत वहाँ एक महीने के लिए आपात स्थिति की घोषणा की है.

मलिकी ने बुधवार को वहाँ का दौरा करते हुए यह घोषणा की.

मलिकी ने कहा कि उनके बसरा दौरे का मक़सद वहाँ पैदा हुए मतभेदों को दूर करना है और वहाँ जो कुछ भी हो रहा है उसका हल निकलाना है.

उनके बसरा पहुँचने पर विभिन्न नेताओं, क़बायली शेखौं और सुरक्षा अधिकारियों ने उनका स्वागत किया.

मलिकी ने स्थानीय नेताओं को संबोधित करते हुए कहा कि देश तब तक प्रगति नहीं कर सकता जब तक कि स्थिरता नहीं होगी.

मलिकी का संबोधन टेलीविज़न पर दिखाया गया जिसमें उन्होंने कहा कि उनकी राष्ट्रीय एकता वाली सरकार की पहली तीन प्राथमिकताएँ हैं - सुरक्षा, सुरक्षा और सुरक्षा.

मलिकी ने कहा, वह उन अपराधी गुटों के सिर पर लोहे की छड़ों से चोट करेंगे जो सुरक्षा के लिए ख़तरा पैदा कर रहे हैं."

उन्होंने कहा कि सुरक्षा सेवाओं को आदेश दिया गया है कि वे बसरा में स्थिरता और शांति बहाल करने के लिए तुरंत योजना बनाएँ.

इस तरह की ख़बरें हैं कि शियाओं को विभिन्न धड़ों के बीच सत्ता संघर्ष में अपहरण और हत्याओं का दौर शुरू हो गया है जिससे बसरा से तेल निर्यात पर भी असर पड़ने का ख़तरा पैदा हो गया है.

ग़ौरतलब है कि इराक़ का सबसे ज़्यादा तेल निर्यात बसरा क्षेत्र से ही होता है.

शियाओं के एक धड़े ने चेतावनी दी है कि अगर उसे बग़दाद में बैठी सरकार से रियायतें नहीं मिलीं तो वो तेल निर्यात को रोकने की कोशिश कर सकता है.

बीबीसी संवाददाता एंड्रयू नोर्द का कहना है कि पिछले कुछ समय से बसरा इलाक़े में सुरक्षा हालात ख़राब हैं.

मलिकी ने बग़दाद से बसरा के लिए रवाना होने से पहले आगाह किया था कि इस संघर्ष का अगर कोई शांतिपूर्ण समाधान नहीं निकल सका तो ताक़त का इस्तेमाल किया जाएगा.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि मलिकी यह भी दिखाना चाहते हैं कि सरकार की ताक़त उनके साथ है.

दक्षिणी शहर बसरा के इलाक़े में ही ब्रितानी सैनिक ज़्यादा संख्या में तैनात हैं और हाल में भड़की हिंसा के दौर में नौ ब्रितानी सैनिक मारे गए हैं.

उन सैनिकों के अलावा इस हिंसा में अनेक अन्य लोग भी मारे गए हैं.

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