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हमें हिचकी क्यों आती है? | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
हम सभी को अक्सर हिचकी आती है लेकिन क्यों? ऐसा भी कहा जाता कि जब हमें कोई याद करता है तो हिचकी आती है लेकिन क्या इसकी कोई और वजह भी हो सकती है. ये जानना चाहा गाछी टोला बेगुसराय बिहार से अबदुस्सलाम ने. हिचकी हमारे के डायफ़्राम सिकुड़ने से आती है. डायफ़्राम एक माँसपेशी होती है जो छाती के खोखल को हमारे पेट के खोखल से अलग करती है. ये साँस लेने की प्रक्रिया में बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. फेफड़ों में हवा भरने के लिए डायफ़्राम का सिकुड़ना ज़रूरी होता है. अब सवाल उठता है कि हिचकी क्यों आती है. होता ये है कि डायफ़्राम को नियंत्रित करने वाली नाड़ियों में कुछ उत्तेजना होती है जिसकी वजह से डायफ़्राम बार बार सिकुड़ता है और हमारे फेफड़े तेज़ी से हवा अंदर खींचते हैं. ऐसा ज़ोर ज़ोर से हँसने, तेज़ मसाले वाला खाना खाने, जल्दी-जल्दी खाने या फिर पेट फूलने से हो सकता है. यानी उत्तेजना का कारण होती है हवा. आमतौर पर ये डकार से बाहर आ जाती है लेकिन कभी-कभी ये खाने की तहों के बीच फँस जाती है. हिचकी इस हवा को बाहर निकालने का उपाय है. हिचकी रोकने के लिए कार्बन डाएऑक्साइड की मात्रा बढ़ाना ज़रूरी है, इसलिए साँस रोकना, धीरे-धीरे पानी पीना कारगर साबित हो सकता है. ई कोलाई बीमारी बेलिसराय पूर्वी चंपारण बिहार से अमित कुमार पूछते हैं कि ई कोलाई क्या बीमारी है, इससे कौन सा अंग प्रभावित होता है, इसका उपचार क्या है और कौन सी दवा कारगर है? ई कोलाई बैक्टीरिया के सैकड़ों प्रकार हैं जिनमें से अधिकांश हानिकारक नहीं हैं और स्वस्थ मनुष्यों और जानवरों की आँतों में रहते हैं. लेकिन इनमें से एक प्रकार ऐसा है जो ज़हर पैदा करता है और जीव को गंभीर रूप से बीमार कर सकता है. ई कोलाई का यह प्रकार मवेशियों में पाया जाता है. मवेशियों को काटते समय माँस इससे दूषित हो सकता है और अगर ये माँस ठीक से न पकाया जाए तो ये हमारी आँतो में पहुँचकर हमें बीमार कर सकता है. ई कोलाई बैक्टीरिया का यह प्रकार सलाद, बिना पॉश्चुराइज़ हुए दूध, फलों के रस या प्रदूषित पानी के ज़रिए भी हमारी आँतों में पहुँच सकता है. ई कोलाई बैक्टीरिया से ख़ूनी पेचिश और मरोड़ पैदा होते हैं. आमतौर पर बुख़ार नहीं होता और तकलीफ़ पाँच दस दिनों में दूर हो जाती है लेकिन कुछ लोगों में, विशेषकर बच्चों और बूढ़ों में इस बैक्टीरिया से रक्त की लाल कोषिकाएँ नष्ट हो जाती हैं और गुरदे काम करना बंद कर देते हैं. ई कोलाई बैक्टीरिया को मारने में ऐन्टीबायटिक दवाएँ कारगर नहीं होती, हाँ अगर मामला बिगड़ने लगे तो अस्पताल में ही इलाज हो सकता है. CAS CAS या कैस क्या होता है. जानना चाहते हैं - बिहार शरीफ़ नालन्दा से मोहम्मद शाहिद आसी. CAS का पूरा रुप है कंडीशनल ऐक्सस सिस्टम. इसका अर्थ ये है कि आप एक सैट टॉप बक्से के माध्यम से अपने मनपसंद टेलिविज़न चैनल देख सकते हैं. अब तक आपका केबल वाला आपको एक निश्चित शुल्क पर बहुत से चैनल दिखाता रहा है लेकिन कैस में आपको कुछ मुफ़्त चैनल मिलेंगे लेकिन अन्य के लिए आपको पैसा देना होगा. मतलब ये कि आपको पसंद की क़ीमत अदा करनी होगी. एटॉर्नी जनरल और एडवोकेट जनरल में क्या अंतर है. ये सवाल है - गंजडुंडावारा, एटा उत्तर प्रदेश से संजय कुमार भारती का. एटॉर्नी जनरल भारत सरकार के मुख्य क़ानूनी सलाहकार होते हैं और उनकी नियुक्ति केन्द्र सरकार द्वारा की जाती है. जबकि एडवोकेट जनरल की नियुक्ति हर राज्य के राज्यपाल करते हैं. उनका काम राज्य सरकार को क़ानूनी मामलों पर सलाह देना होता है. |
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